JPSC परीक्षा धांधली: स्ट्रॉन्ग रूम से कॉपियां निकाल मॉडल उत्तरों से भरवाईं, 100 अभ्यर्थियों से वसूले 5 करोड़
रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की सहायक वन संरक्षक (ACF) और वन क्षेत्र पदाधिकारी (FRO) परीक्षा में बड़े स्तर पर फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। सीआईडी (CID) की पूछताछ में सामने आया है कि सिंडिकेट ने करीब 100 अभ्यर्थियों को पास कराने के बदले 5 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली की थी। इस पूरे खेल को तीन अलग-अलग चरणों में अंजाम दिया गया।
जांच में खुलासा हुआ कि पीटी पास कराने के लिए प्रति अभ्यर्थी 5 लाख रुपये वसूले गए थे। वहीं मुख्य परीक्षा में औसत अंक पाने वालों के नंबर बढ़वाने के लिए परीक्षकों से साठगांठ की गई। हद तो तब हो गई जब सवालों के जवाब न दे पाने वाले अभ्यर्थियों की 30 उत्तर पुस्तिकाएं सीधे जेपीएससी के स्ट्रॉन्ग रूम से बाहर निकाली गईं। टीडीपीएल एजेंसी के गिरफ्तार कर्मचारी प्रदीप कुमार ने कबूला कि कॉपियां बाहर ले जाकर मॉडल उत्तरों से भरवाई गईं और फिर चुपके से स्ट्रॉन्ग रूम में वापस रख दी गईं।
इसके अलावा, ओएमआर शीट में हेरफेर करने के लिए दिल्ली और लखनऊ से विशेष टीम बुलाई गई थी, जिसने खाली छोड़ी गई ओएमआर शीट भरीं। डिजिटल स्तर पर भी सेंधमारी करते हुए 40 अभ्यर्थियों (FRO के 25 और ACF के 15) की स्कैन कॉपियों में पीडीएफ एडिटर टूल के जरिए उत्तर बदले गए। फिलहाल सीआईडी मूल उत्तर पुस्तिकाओं, ओएमआर शीट और डिजिटल रिकॉर्ड्स का फॉरेंसिक व तकनीकी सत्यापन कर रही है।