AICTE की नई पहल: अब स्टार्टअप और इंडस्ट्री के साथ करें PhD, ₹70,000 मासिक फेलोशिप के साथ ₹10 लाख का रिसर्च ग्रांट
नई दिल्ली:
देश में उच्च शिक्षा और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) ने एक बड़ा कदम उठाया है। 2026 सत्र से परिषद ने 'इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप डॉक्टोरल फेलोशिप प्रोग्राम' को मंजूरी दी है। यह देश में पहला ऐसा अवसर होगा जहां शोधकर्ताओं को सीधे स्टार्टअप और इंडस्ट्री के सहयोग से पीएचडी (PhD) करने का मौका मिलेगा। इसका मुख्य उद्देश्य अकादमिक रिसर्च को सिर्फ थ्योरी तक सीमित न रखकर उद्योग और उद्यमिता (Entrepreneurship) से जोड़ना है।
आकर्षक स्कॉलरशिप और एकमुश्त ग्रांट
इस 5 वर्षीय पीएचडी प्रोग्राम के तहत शोधकर्ताओं को बेहतरीन वित्तीय सहायता दी जाएगी:
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मासिक फेलोशिप: पहले 3 वर्षों तक ₹60,000 प्रति माह और अंतिम 2 वर्षों में ₹70,000 प्रति माह मिलेंगे।
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₹10 लाख का ग्रांट: रिसर्च उपकरण, प्रोटोटाइप तैयार करने, टेस्टिंग, फील्ड ट्रायल, डेटा कलेक्शन और यात्रा भत्ते के लिए ₹10 लाख की एकमुश्त वित्तीय मदद दी जाएगी।
सामाजिक मुद्दों पर केंद्रित रिसर्च
इस प्रोग्राम में पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन, गरीबी, सामाजिक न्याय और महिला सशक्तिकरण जैसी वास्तविक चुनौतियों के समाधान पर शोध को प्राथमिकता दी जाएगी। तकनीकी और गैर-तकनीकी दोनों क्षेत्रों में मल्टी-डिसिप्लिनरी रिसर्च को बढ़ावा मिलेगा, जिससे पेटेंट, प्रोटोटाइप और स्टार्टअप कमर्शियलाइजेशन को गति मिल सके।
NIRF टॉप-150 संस्थानों को ही मौका
यह विशेष पीएचडी प्रोग्राम एनआईआरएफ (NIRF) की टॉप-150 रैंकिंग वाले कॉलेजों, इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस और पर्याप्त रिसर्च इन्फ्रास्ट्रक्चर वाले उच्च शिक्षण संस्थानों में ही संचालित होगा।