The Jagran News: 'मैं कोई सिंघम नहीं, लोकसेवक हूं', FDA कमिश्नर तुकाराम मुंडे की दो-टूक - मिलावटखोरों पर लगेगा मकोका
महाराष्ट्र में मिलावटखोरों और नामी ब्रांड्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर चर्चा में आए फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) कमिश्नर तुकाराम मुंडे ने साफ कर दिया है कि वह किसी दबाव या सिंडिकेट से नहीं डरते। डोमिनोज जैसी कंपनियों और भ्रामक विज्ञापन करने वाले बॉलीवुड सितारों को नोटिस थमाने के बाद, अब मुंडे के निशाने पर गुटखा और दूध माफिया हैं।
'किसी में धमकी देने की हिम्मत नहीं'
एक खास इंटरव्यू में अपनी 'सिंघम' वाली छवि पर बात करते हुए मुंडे ने कहा, "मैं कोई सिंघम नहीं, बल्कि नियमों के दायरे में रहकर निष्ठा से काम करने वाला एक प्रशासनिक अधिकारी (public servant) हूं।" उन्होंने स्पष्ट किया कि करोड़ों का टर्नओवर वाली कंपनियों या माफियाओं में इतनी हिम्मत नहीं है कि वे उन्हें सीधे धमकी दे सकें, क्योंकि सब जानते हैं कि सामने बैठा अधिकारी कैसा है।
अब तक 175 लाइसेंस सस्पेंड, काम में कोई दबाव नहीं
मुंडे ने बताया कि उन पर 'कार्रवाई करो' या 'रोको' का कोई राजनीतिक दबाव या मंत्रियों से टकराव नहीं है। प्रशासन अपना काम नियमों के तहत कर रहा है। उन्होंने आंकड़े देते हुए बताया कि अब तक 650 से 700 सुधार नोटिस (improvement notices) जारी किए गए हैं और 165 से 175 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस सस्पेंड किए जा चुके हैं।
गुटखा और दूध माफियाओं पर लगेगा MCOCA
सबसे बड़ी चेतावनी देते हुए कमिश्नर ने कहा कि जनता के स्वास्थ्य (public health) के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी सिंडिकेट को बख्शा नहीं जाएगा। दूध में मिलावट करने वालों और गुटखा माफियाओं के संगठित नेटवर्क को जड़ से उखाड़ने के लिए अब कानूनी जांच चल रही है और जरूरत पड़ने पर इन पर 'मकोका' (MCOCA) जैसे कठोर कानून लगाए जाएंगे।