प्रयागराज के संगम तट पर शनिवार रात उस समय हालात अचानक तनावपूर्ण हो गए, जब शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के नेतृत्व में चल रहे धरना-प्रदर्शन के समीप कुछ युवकों के हंगामे की सूचना मिली। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, लाठी-डंडों से लैस युवकों का एक समूह नारेबाजी करते हुए धरना शिविर की ओर बढ़ता दिखाई दिया, जिससे वहां मौजूद संतों, साधुओं और श्रद्धालुओं में हड़कंप मच गया।
दिनभर शांत रहा माहौल, शाम को बिगड़े हालात
स्थानीय लोगों और धरना-समर्थकों के मुताबिक, शनिवार को पूरे दिन संगम तट पर माहौल सामान्य रहा। बड़ी संख्या में श्रद्धालु आ-जा रहे थे और धरना पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा था। लेकिन देर शाम अचानक कुछ युवकों का समूह नारे लगाते हुए धरना स्थल के आसपास मंडराने लगा। देखते ही देखते उनकी संख्या बढ़ी और वे हाथों में लाठी-डंडे लिए आगे बढ़ने लगे।
आरोप है कि ये युवक धरना स्थल के काफी नजदीक तक पहुंचने की कोशिश कर रहे थे और उकसाने वाले नारे लगा रहे थे। जब मौजूद श्रद्धालुओं और स्वयंसेवकों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, तो कुछ देर के लिए धक्का-मुक्की जैसी स्थिति भी बन गई।
समर्थकों ने जताई साजिश की आशंका
धरना-प्रदर्शन से जुड़े लोगों का कहना है कि यह कोई सामान्य घटना नहीं थी। समर्थकों का आरोप है कि युवकों का उद्देश्य शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के शिविर तक पहुंचकर अव्यवस्था फैलाना था। एक समर्थक ने बताया,
“हम लोग पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से धरना दे रहे थे। अचानक कुछ लोग लाठी-डंडे लेकर नारेबाजी करते हुए आगे बढ़े। उनका रवैया आक्रामक था। स्थिति बिगड़ने से पहले ही हमने मानव-श्रृंखला बनाकर उन्हें रोक लिया।”
‘आई लव बुलडोजर बाबा’ जैसे नारे लगाने का दावा
प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि हंगामा कर रहे युवक ‘आई लव बुलडोजर बाबा’ जैसे नारे भी लगा रहे थे, जिससे माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया। समर्थकों का कहना है कि यह स्पष्ट होना चाहिए कि ये युवक कौन थे, किस मकसद से वहां पहुंचे और उन्हें किसने भेजा।
फिलहाल स्थिति नियंत्रण में, प्रशासन पर टिकी निगाहें
हालांकि समय रहते सतर्कता के कारण कोई बड़ी घटना नहीं हुई और स्थिति को संभाल लिया गया। फिलहाल संगम तट पर हालात नियंत्रण में बताए जा रहे हैं, लेकिन इस पूरे घटनाक्रम के बाद प्रशासन की भूमिका और जांच को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। अब सभी की नजरें प्रशासन की अगली कार्रवाई और जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं।