रेगिस्तान के सीने में दफन है पूरा गांव: जमीन के नीचे 10 मीटर गहरे गड्ढों में बसती है जिंदगी, AC-हीटर भी हैं फेल!
उत्तरी अफ्रीका के ट्यूनीशियाई रेगिस्तान से एक ऐसी हैरतअंगेज बस्ती की तस्वीर सामने आई है, जिसे देखकर कोई भी दांतों तले उंगलियां दबा ले। यहां इंसानों का बसेरा जमीन के ऊपर नहीं, बल्कि पाताल की गहराई में जमीन के नीचे है। ट्यूनीशिया के इस अनोखे गांव का नाम मटमाटा है, जहां आज भी 100 से अधिक परिवार भूमिगत घरों में अपनी जिंदगी गुजार रहे हैं।
इस बस्ती को अमाजिघ समुदाय के लोगों ने बड़ी ही अनोखी इंजीनियरिंग से तराशा है। जमीन में 6 से 10 मीटर गहरे विशालकाय गोलाकार गड्ढे खोदकर उनके चारों ओर कमरे, बेडरूम, रसोई और अनाज रखने के ठिकाने बनाए गए हैं, जबकि बीच का खुला हिस्सा आंगन का काम करता है। ऊंचाई से देखने पर यह इलाका किसी एलियन ग्रह या विशाल गड्ढों के जाल जैसा नजर आता है।
इस भूमिगत बस्ती की सबसे बड़ी खासियत इसका प्राकृतिक तापमान नियंत्रण है। जब बाहर का रेगिस्तान भयंकर गर्मी में भट्टी की तरह तपता है, तब इन घरों का तापमान करीब 25°C बना रहता है, यानी बिना बिजली के प्राकृतिक AC का अहसास! वहीं हाड़ कंपाने वाली सर्दियों में अंदर का तापमान करीब 15°C रहता है।
इस रहस्यमयी बनावट के चलते हॉलीवुड की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'स्टार वॉर्स' में ल्यूक स्काईवॉकर के घर के दृश्य यहीं के 'होटल सिदी द्रिस' में फिल्माए गए थे। पुराने मटमाटा में आज भी ऐसे 1,200 से अधिक भूमिगत आवास संरक्षित हैं, जिन्हें देखने दुनियाभर से सैलानी खिंचे चले आते हैं।