कोचस (रोहतास): नगर पंचायत क्षेत्र में कथित रूप से झाड़-फूंक और चमत्कार के नाम पर बड़े पैमाने पर धर्म परिवर्तन कराए जाने का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि गंभीर बीमारियों से मुक्ति और आर्थिक तंगी दूर करने का प्रलोभन देकर सैकड़ों हिंदू महिला-पुरुषों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
रविवार को यह मामला उस समय उजागर हुआ जब धर्मावती नदी पुल के पास आयोजित एक शिविर में दर्जनों लोगों को धार्मिक रस्में कराकर ईसाई धर्म में शामिल किया गया। बताया जा रहा है कि यह गतिविधियां लंबे समय से नियमित रूप से चलाई जा रही थीं।
स्थानीय ग्रामीणों रौशन कुमार, संतोष कुमार, विशाल कुमार और दशरथ राम सहित अन्य लोगों ने बताया कि एनएच-319 के किनारे धर्मावती नदी के तटबंध पर बीते तीन वर्षों से हर रविवार और गुरुवार को एक कथित पास्टर द्वारा धार्मिक आयोजन किए जा रहे हैं। इन आयोजनों में प्रभु यीशु के नाम पर बीमारियों, भूत-प्रेत बाधा और गरीबी से मुक्ति दिलाने का दावा किया जाता है।
ग्रामीणों का कहना है कि कम शिक्षित और पारंपरिक मान्यताओं में विश्वास रखने वाले लोगों को विशेष रूप से निशाना बनाया जा रहा है। आरोप है कि युवकों को लालच देकर महादलित बस्तियों में कार्यक्रम आयोजित कराए जाते हैं, जहां प्रार्थना, धार्मिक गीत, वीडियो प्रदर्शन और ईसाई धर्म से जुड़ी सामग्री का वितरण किया जाता है। कुछ समय बाद बड़े स्तर पर आयोजन कर कथित चमत्कार दिखाए जाते हैं, जिससे लोग प्रभावित होकर धर्म परिवर्तन की ओर अग्रसर हो जाते हैं।
स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि इन गतिविधियों में कुछ सरकारी कर्मचारी और अन्य प्रभावशाली लोग भी अप्रत्यक्ष रूप से शामिल हैं, जिससे ग्रामीणों पर इसका अधिक प्रभाव पड़ रहा है। धीरे-धीरे लोगों की धार्मिक सोच और भाषा में बदलाव देखा जा रहा है और पारंपरिक आस्थाओं के प्रति नकारात्मक भाव उत्पन्न हो रहा है।
रविवार को धर्मावती नदी में खुलेआम दर्जनों परिवारों द्वारा हिंदू धर्म छोड़कर ईसाई धर्म अपनाने का दावा किया गया, जिसके बाद इलाके में चर्चा और असंतोष का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी।
इस संबंध में थानाध्यक्ष नीतीश कुमार ने बताया कि नदी किनारे टेंट लगाकर पूजा-पाठ की जानकारी उन्हें मिली है, हालांकि धर्म परिवर्तन से जुड़े आरोपों की पुष्टि फिलहाल नहीं हो सकी है। मामले की जानकारी जुटाई जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।