'वंदे मातरम्' के अपमान पर 3 साल की जेल, पेपर लीक माफियाओं पर 10 करोड़ का हंटर!
नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र का नौवां दिन देश की भावनाओं और युवाओं के भविष्य के लिए बेहद अहम रहा। गुरुवार को संसद ने दो बड़े और कड़े बिल पास किए हैं।
अब 'वंदे मातरम्' का अपमान पड़ेगा भारी
देश की भावनाओं का सम्मान करते हुए लोकसभा ने 'राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) बिल, 2026' को अपनी मंजूरी दे दी है। इसका सीधा मतलब ये है कि अब अगर कोई हमारे राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' का अपमान करता है या उसे गाने में बाधा डालता है, तो उसे कानूनन सजा मिलेगी। इसे अब राष्ट्रगान 'जन-गण-मन' के अपमान जितना ही गंभीर अपराध माना जाएगा। पहली बार दोषी पाए जाने पर 3 साल तक की जेल या जुर्माना हो सकता है। राज्य सभा इसे पहले ही पास कर चुकी है।
छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों की अब खैर नहीं
उन लाखों युवाओं के दर्द और सालों की मेहनत को समझते हुए, जो एक पेपर लीक होने से बर्बाद हो जाती है, सरकार ने सख्त कदम उठाया है। 'लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन बिल, 2026' को राज्यसभा से भी हरी झंडी मिल गई है। अब अगर कोई संगठित रूप से पेपर लीक करता है, तो उस पर 10 करोड़ रुपये तक का भारी-भरकम जुर्माना लगेगा।
इस मुद्दे पर किसने क्या कहा?
विपक्ष का स्टैंड: राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे का आरोप है कि सरकार ने युवाओं का गुस्सा शांत करने के लिए एंटी-पेपर लीक बिल जल्दबाजी में पेश किया। उन्होंने छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के लिए भी गृह मंत्री को घेरा।
सरकार का कड़ा रुख: केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने साफ कहा कि यह बिल सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति का सबसे बड़ा सबूत है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसी को भी बच्चों के भविष्य के साथ खेलने नहीं दिया जाएगा।
PM मोदी का भरोसा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बिल को एक विश्वसनीय परीक्षा प्रणाली की दिशा में बड़ा कदम बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे हालात लंबे समय तक नहीं चलने देंगे और हम सबको मिलकर विकसित भारत का सपना साकार करना है।
अब देश को बस राष्ट्रपति की मुहर का इंतजार है, जिसके बाद ये दोनों बिल एक कड़े कानून के रूप में लागू हो जाएंगे।