पश्चिम बंगाल में अपराध का एनकाउंटर शुरू

पश्चिम बंगाल में अपराध का एनकाउंटर शुरू

पश्चिम बंगाल में 'नया राज': सुवेंदु सरकार में पुलिस को 'फ्री हैंड', यूपी की तर्ज पर एक्शन में प्रशासन

​कोलकाता: पश्चिम बंगाल की सत्ता में बदलाव के साथ ही राज्य की प्रशासनिक और राजनीतिक तस्वीर तेजी से बदल रही है। सुवेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) के नेतृत्व में नई सरकार अब पूरी तरह से आक्रामक और जवाबदेह नजर आ रही है। कानून-व्यवस्था सुधारने से लेकर रुकी हुई केंद्रीय योजनाओं को लागू करने तक, बंगाल में चौतरफा बदलाव देखने को मिल रहे हैं।

​ प्रशासनिक ढांचे में बड़ा फेरबदल

​प्रशासन को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए सरकार ने पुलिस महकमे में अहम बदलाव किए हैं:

​नए पुलिस प्रमुख: राज्य के नए DGP के रूप में एस.ए. गुप्ता (S.A. Gupta) और कोलकाता पुलिस कमिश्नर के तौर पर अजय कुमार नंद (Ajay Kumar Nand) की नियुक्ति की गई है।

​पब्लिक सेफ्टी बिल 2026: कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए यह नया बिल लागू किया गया है। इसके साथ ही पुराने गुंडा नेटवर्क और सिंडिकेट को जड़ से खत्म करने के लिए पूर्व TMC मंत्रियों की भूमिकाओं की भी कड़ी जांच चल रही है।

​ अपराधियों में खौफ, पुलिस को 'फ्री हैंड'

​राज्य में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार उत्तर प्रदेश की तर्ज पर सख्त रणनीति अपना रही है।

​बैरूपुर एनकाउंटर: हाल ही में बैरूपुर में एक 11 साल की बच्ची से रेप और हत्या के मामले में मुख्य आरोपी प्रभास मंडल (Prabhash Mandal) को पुलिस ने पकड़ा था। रिमांड के दौरान पुलिस के साथ हुई एक मुठभेड़ में यह आरोपी मारा गया।

​जीरो टॉलरेंस: सुवेंदु अधिकारी ने पुलिस अधिकारियों को सख्त हिदायत और 'फ्री हैंड' दिया है। यह स्पष्ट कर दिया गया है कि अगर किसी इलाके में अपराध होता है, तो सीधे तौर पर वहां के संबंधित अधिकारी को ही दोषी माना जाएगा।

​विकास और योजनाओं को हरी झंडी

​पूर्ववर्ती ममता बनर्जी सरकार द्वारा रोकी गई तमाम केंद्रीय योजनाओं के दरवाजे अब बंगाल की जनता के लिए खोल दिए गए हैं:

​योजनाओं का एकीकरण: आयुष्मान भारत, नेशनल हेल्थ मिशन, पीएम किसान योजना, जलजीवन और आवास योजना जैसी बड़ी सेंट्रल स्कीम्स को राज्य में लागू कर दिया गया है।

​अतिक्रमण पर प्रहार: सरकारी जमीनों और हावड़ा ब्रिज जैसे सार्वजनिक स्थानों से अवैध कब्जों को हटाने के लिए प्रशासन का कड़ा अभियान लगातार जारी है।

​ बदलता सामाजिक नजरिया

​सरकार के इन सख्त कदमों का असर समाज की सोच पर भी दिखने लगा है। बैरूपुर एनकाउंटर के बाद, मारे गए आरोपी प्रभास मंडल की मां ने उसके कुकृत्यों की वजह से उसका शव लेने से साफ इंकार कर दिया। यह घटना बंगाल में आ रहे एक बड़े सामाजिक बदलाव का स्पष्ट संकेत है।

​कुल मिलाकर, पश्चिम बंगाल से अब पूरे देश में यह संदेश जा रहा है कि नई राष्ट्रवादी सरकार में 'लॉ एंड ऑर्डर' पर कोई भी समझौता नहीं किया जाएगा।