'डर कर मौके न छोड़ें, जो आपका है उसे पाने की कोशिश करें': एमएस सुब्बालक्ष्मी की बायोपिक से पहले रश्मिका मंदाना का प्रेरक संदेश
मुंबई: भारतीय सिनेमा की लोकप्रिय अभिनेत्री रश्मिका मंदाना ने अपनी 9 साल की फिल्मी यात्रा, निजी जीवन और मानसिक संतुलन को लेकर दिल की बात साझा की है। भारत रत्न से सम्मानित महान कर्नाटक गायिका एम.एस. सुब्बालक्ष्मी की बायोपिक 'M.S – A Legacy On Screen' में मुख्य भूमिका निभाने जा रहीं रश्मिका ने युवाओं और फैंस को असफलता के डर से बाहर निकलने की प्रेरणा दी है।
रश्मिका ने कहा कि लोग उन्हें देखकर अक्सर बहुत घुलने-मिलने वाली (extrovert) लड़की समझते हैं, जबकि हकीकत में वे दिल से इंट्रोवर्ट हैं और काम खत्म होते ही अपने चुनिंदा करीबियों के बीच लौटना पसंद करती हैं। अपनी परवरिश और हॉस्टल की जिंदगी को अपनी ताकत बताते हुए उन्होंने कहा कि मुश्किलों ने उन्हें जमीन से जुड़कर लड़ना सिखाया। अभिनेत्री के मुताबिक, उन्होंने कभी मौकों के पीछे भागने की हड़बड़ी नहीं की, बल्कि जो अवसर सामने आए उन्हें पूरी निष्ठा से अपनाया।
सफलता और शोहरत पर अपने विचार रखते हुए रश्मिका ने कहा, "सफलता मिले तो उसे विनम्रता और खुशी से स्वीकार करें, लेकिन घमंड में कभी न बहें। याद रखें कि कुछ भी हमेशा के लिए नहीं रहता। जब जीवन का आखिरी वक्त आएगा, तब दौलत या शोहरत नहीं, बल्कि आपके अपने लोग ही काम आएंगे। हर काम में अपना 100 फीसदी दें, लेकिन हर किसी को खुश करने का गैर-जरूरी बोझ अपने सिर पर न लें। अपनी खुशी, सुकून और सेहत को प्राथमिकता दें। डरकर अवसरों को कभी न छोड़ें, आगे बढ़ें और जो आपका हक है, उसे हासिल करने का हौसला रखें।"