मिडटर्म चुनाव में हार का डर: अपनी ही पार्टी में घिरे डोनाल्ड ट्रंप, 70% अमेरिकी कामकाज से असंतुष्ट

मिडटर्म चुनाव में हार का डर: अपनी ही पार्टी में घिरे डोनाल्ड ट्रंप, 70% अमेरिकी कामकाज से असंतुष्ट

मिडटर्म चुनाव में हार का डर: अपनी ही पार्टी में घिरे डोनाल्ड ट्रंप, 70% अमेरिकी कामकाज से असंतुष्ट

वॉशिंगटन/न्यूयॉर्क: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की गिरती लोकप्रियता के कारण आगामी मिडटर्म चुनावों से पहले उनकी अपनी ही रिपब्लिकन पार्टी में बगावत के सुर तेज हो गए हैं। उम्मीदवारों को डर सता रहा है कि ट्रंप का साथ उन्हें चुनावी नुकसान पहुंचा सकता है। यही वजह है कि कई रिपब्लिकन नेताओं ने अपनी प्रचार वेबसाइट्स से ट्रंप और उनके 'अमेरिका फर्स्ट' एजेंडे को हटाना शुरू कर दिया है, जबकि कई नेता उनके साथ चुनावी मंच साझा करने से बच रहे हैं।

अर्थव्यवस्था बनी सबसे बड़ी कमजोरी

एपी-एनओआरसी (AP-NORC) के ताजा सर्वे के अनुसार, 70% अमेरिकी ट्रंप के कामकाज से असंतुष्ट हैं। अर्थव्यवस्था संभालने के तरीके पर उनकी अप्रूवल रेटिंग गिरकर केवल 26% रह गई है। करीब 65% से अधिक लोग देश में बढ़ती महंगाई के लिए सीधे तौर पर ट्रंप की आर्थिक नीतियों और टैरिफ फैसलों को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। जीवनयापन की बढ़ती लागत पर सिर्फ 17% लोग ही उनके साथ हैं।

पार्टी के दिग्गज भी बना रहे दूरी

विस्कॉन्सिन के टॉम टिफनी, एरिजोना के एंडी बिग्स और जॉर्जिया के रिक जैक्सन जैसे नेताओं के साथ-साथ लंबे समय तक ट्रंप समर्थक रहे सांसद जिम जॉर्डन, मार्जरी टेलर और नैन्सी मेस जैसे चेहरे भी अब दूरी बनाते नजर आ रहे हैं। सांसदों ने ट्रंप की ईरान युद्ध नीति और सख्त इमिग्रेशन नियमों पर भी सवाल खड़े किए हैं।

संसद के निचले सदन (हाउस) में रिपब्लिकन के पास 218 और डेमोक्रेट्स के पास 214 सीटें हैं। अगर रिपब्लिकन पार्टी महज 5 सीटें भी हारती है, तो अमेरिकी संसद से उसका नियंत्रण पूरी तरह खत्म हो जाएगा।