The Jagran News: 14वीं JPSC घोटाला - 80 लाख में फिक्स हुई थी सीट, कैंडिडेट ने CID के सामने खोले राज
JPSC भर्ती घोटाले की CID जांच में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। 14वीं सिविल सेवा PT परीक्षा पास करने वाले हज़ारीबाग के कैंडिडेट सुमन सौरभ ने कुबूल किया है कि उसने एग्जाम क्लियर करने के लिए 'पवन' नाम के एजेंट से 80 लाख रुपये में डील की थी।
3 किस्तों में तय हुई थी पेमेंट
यह पूरी रकम तीन चरणों में दी जानी थी:
PT से पहले: 20 लाख रुपये
मेन्स (Mains) से पहले: 40 लाख रुपये
इंटरव्यू से पहले: 20 लाख रुपये
सुमन ने बताया कि वो PT पास कराने के एवज में 16 लाख रुपये बैंक ट्रांसफर के जरिए पवन को दे चुका है। अब CID इन बैंक खातों की डिटेल खंगाल रही है कि यह पैसा आगे किन-किन लोगों तक पहुंचा।
'खाली OMR शीट' छोड़ने का था फॉर्मूला
सुमन इससे पहले कई परीक्षाएं (7वीं-11वीं JPSC और JSSC CGL) फेल हो चुका था। अपने एक दोस्त के मामा के जरिए वह इस सिंडिकेट तक पहुंचा।
एजेंट पवन ने उसे साफ कहा था कि एग्जाम में सिर्फ उन्हीं सवालों के गोले भरने हैं जिनके सही जवाब पता हों, बाकी OMR शीट खाली छोड़ देनी है। सुमन ने 19 अप्रैल को बोकारो के सेंटर पर यही किया। उसने पहली पाली में सिर्फ 38 और दूसरी में 48 सवाल हल किए। परीक्षा के बाद उसने अपना रोल नंबर और OMR की कार्बन कॉपी पवन को सौंप दी थी।
पूर्व अध्यक्ष के निर्देश पर हुआ था काम: श्वेता गुप्ता का कुबूलनामा
इस बीच, JPSC की उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता ने भी CID को बताया है कि 11वीं-13वीं JPSC का रिजल्ट तत्कालीन अध्यक्ष एल ख्यांगते के निर्देश पर तैयार और जारी किया गया था।
श्वेता ने खुलासा किया कि परीक्षा संचालित करने वाली एजेंसी TDPL के कर्मचारी (उस्मान, एबाद, संजय, हेमंत, रामवीर और सतपाल) ही OMR शीट में हेराफेरी का सारा काम देखते थे। बाद में प्रमोद तिवारी नाम का व्यक्ति इन बदली हुई उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैनिंग करता था।