हैदराबाद में ऐतिहासिक गणेश विसर्जन: दूसरे दिन भी हुसैन सागर पर लगी 20 किलोमीटर लंबी कतार, 1.24 लाख से अधिक प्रतिमाओं का हुआ विसर्जन
हैदराबाद: तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में बप्पा की विदाई का अद्भुत और विशाल उत्सव लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा[cite: 16]। शनिवार को गणेश विसर्जन का आखिरी आधिकारिक दिन था, लेकिन भव्य और असीम श्रद्धा के बीच हुसैन सागर झील के किनारे बप्पा की विदाई के लिए 20 किलोमीटर लंबी कतार लगी रही[cite: 16]। भक्तों की अपार भीड़ और एक के बाद एक कतार में खड़े वाहनों के कारण यह विसर्जन प्रक्रिया रविवार को भी जारी रही[cite: 16]。
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इस वर्ष तेलंगाना में सार्वजनिक पंडालों में 1.24 लाख गणेश प्रतिमाएं पंजीकृत की गई थीं[cite: 16]। वहीं, घरों, अपार्टमेंट और गेटेड कम्युनिटी में स्थापित करीब 3.5 से 4 लाख अन्य प्रतिमाएं भी विसर्जन के लिए लाई गईं[cite: 16]। शनिवार शाम तक करीब 88 हजार से अधिक मूर्तियों का विसर्जन किया जा चुका था, जिसके बाद शेष मूर्तियों के विसर्जन की प्रक्रिया पूरी रात और अगले दिन रविवार को भी अनवरत चलती रही[cite: 16]।
हैदराबाद के सबसे मशहूर खैराताबाद के महागणेश (बड़ा गणेश) को भी भारी सुरक्षा और लाखों भक्तों की जय-जयकार के साथ विसर्जित किया गया[cite: 1.1.1, 1.1.16]। इसके साथ ही, विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं के हुजूम से पूरी नगरी "गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ" के नारों से गूंज उठी[cite: 1.2.14]।
महाराष्ट्र और गुजरात में भी लंबी कतारें
विशाल विसर्जन का ऐसा ही ऐतिहासिक और भावुक नजारा महाराष्ट्र के मुंबई (गिरगांव चौपाटी) और गुजरात के सूरत में भी देखने को मिला, जहां लाखों भक्त बप्पा को विदाई देने के लिए घंटों कतारों में अपनी बारी का इंतजार करते दिखे