दुनिया भर में बिना जरूरत हो रहीं लाखों सर्जरी: दवा और फिजियोथेरेपी से संभव है इलाज, अमेरिका में सालाना खर्च हो रहे 47 लाख करोड़
लंदन: आधुनिक चिकित्सा व्यवस्था को लेकर अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिका 'द इकोनॉमिस्ट' की एक रिपोर्ट में बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया भर में लाखों सर्जरी बिना किसी ठोस जरूरत के की जा रही हैं, जबकि उनमें से अधिकांश बीमारियों का इलाज साधारण दवाओं और फिजियोथेरेपी से आसानी से संभव है।
शोध के आंकड़े बताते हैं कि ब्रिटेन में हर 10 में से 6 लोग अपने जीवन में कभी न कभी सर्जरी करवाते हैं। वहीं अकेले अमेरिका में सर्जरी पर हर साल करीब 47 लाख करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं, जो वयस्कों पर होने वाले कुल स्वास्थ्य खर्च का एक-तिहाई हिस्सा है।
10 में से 6 सर्जरी दवाओं से बेहतर नतीजे नहीं देतीं
विशेषज्ञों के मुताबिक, हड्डियों और जोड़ों से जुड़ी 10 प्रमुख सर्जरियों में से 6 प्रक्रियाएं—जिनमें पीठ के निचले हिस्से (लोअर बैक) और कंधे के ऑपरेशन शामिल हैं—दवाओं या फिजियोथेरेपी की तुलना में कोई खास बेहतर परिणाम नहीं देतीं। शोध में स्पष्ट हुआ है कि केवल घुटने, कूल्हे के प्रत्यारोपण (हिप रिप्लेसमेंट) और कलाई की नस की सर्जरी के ही नतीजे सकारात्मक मिलते हैं। इसके अलावा, अपेंडिक्स के दो-तिहाई मामलों को भी केवल एंटीबायोटिक्स दवाओं से पूरी तरह ठीक किया जा सकता है।
कड़े क्लीनिकल ट्रायल के अभाव में ये गैर-जरूरी ऑपरेशन धड़ल्ले से जारी हैं। हालांकि, ब्रिटेन की स्वास्थ्य सेवा (NHS) ने कंधे के ऐसे अनावश्यक ऑपरेशनों पर रोक लगाकर सालाना करीब 1,269 करोड़ रुपये की बचत की है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि डॉक्टरों को तुरंत ऑपरेशन टेबल पर ले जाने के बजाय मरीजों को पहले सुरक्षित, सस्ते और आसान मेडिकल विकल्पों की सलाह देनी चाहिए।