UPI इस्तेमाल करने वालों के लिए बड़ी खबर: जानें कब लगेगा चार्ज और कौन से लेन-देन रहेंगे बिल्कुल फ्री, दूर करें हर कन्फ्यूजन

UPI इस्तेमाल करने वालों के लिए बड़ी खबर: जानें कब लगेगा चार्ज और कौन से लेन-देन रहेंगे बिल्कुल फ्री, दूर करें हर कन्फ्यूजन

UPI इस्तेमाल करने वालों के लिए बड़ी खबर: जानें कब लगेगा चार्ज और कौन से लेन-देन रहेंगे बिल्कुल फ्री, दूर करें हर कन्फ्यूजन

नई दिल्ली: भारत में डिजिटल क्रांति का सबसे बड़ा हथियार बन चुका यूपीआई (UPI) आज हर आम और खास की जिंदगी का हिस्सा है[cite: 19]। डिजिटल पेमेंट को लेकर कई बार मन में सवाल उठता है कि क्या यूपीआई से ट्रांजैक्शन करने पर कोई चार्ज लगता है?[cite: 19] इन सवालों और अफवाहों को दूर करने के लिए यूपीआई के नियमों को समझना जरूरी है, जो आपके लेन-देन को पूरी तरह सुरक्षित और आसान बनाते हैं[cite: 19]।

इन ट्रांजैक्शन पर नहीं लगेगा कोई भी चार्ज (पूरी तरह निःशुल्क):

  • व्यक्ति-से-व्यक्ति (P2P): यदि आप अपने किसी दोस्त, रिश्तेदार या किसी भी व्यक्ति को पैसे भेजते हैं, तो यह लेन-देन पूरी तरह से मुफ्त यानी निःशुल्क है[cite: 19]।

  • 96% व्यक्ति-से-व्यापारी (P2M): रोजमर्रा की दुकानों, किराना या छोटे व्यापारियों को किए जाने वाले 96 फीसदी लेन-देन बिल्कुल फ्री हैं[cite: 19]। केवल ₹2,000 से अधिक के 4% विशेष P2M ट्रांजैक्शन पर ही मामूली शुल्क लागू होता है[cite: 19]।

  • आवश्यक और सरकारी सेवाएं: ₹2,000 तक की जरूरी सेवाओं और सरकारी भुगतानों पर कोई चार्ज नहीं है[cite: 19] (₹2,000 से अधिक पर ₹5 का निश्चित MDR लगता है)[cite: 19]।

मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) के आसान नियम: अक्सर लोगों को डर रहता है कि हर पेमेंट पर एक्स्ट्रा चार्ज कटेगा, लेकिन ऐसा नहीं है[cite: 19]। आपकी पूरे दिन की कुल यूपीआई प्राप्तियों पर कोई एमडीआर (MDR) नहीं लगाया जाता[cite: 19]। आप दिनभर में ₹2000 तक के कई बार लेन-देन कर सकते हैं, इस पर कोई भी अतिरिक्त शुल्क नहीं लगेगा[cite: 19]।

इसके अलावा, यदि आप क्यूआर कोड (QR Code) के जरिए प्रति महीने ₹1 लाख तक प्राप्त करने वाले छोटे व्यापारी हैं, तो आप पूरी तरह से शून्य एमडीआर (zero MDR) के पात्र हैं[cite: 19]। यानी छोटे कारोबारियों को अपनी कमाई पर कोई शुल्क नहीं देना होगा[cite: 19]। सबसे अच्छी बात यह है कि आप चाहे क्रेडिट/डेबिट कार्ड, नकद या यूपीआई से भुगतान करें, उत्पाद की अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) हमेशा समान ही रहेगी