JSSC CGL पेपर लीक व सेटिंग का गढ़ बना गिरिडीह: बिहार-यूपी तक फैली जांच की आंच, CID अब तक 33 आरोपियों को कर चुकी है गिरफ्तार
रांची: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की सीजीएल (CGL) परीक्षा में कथित पेपर लीक, फर्जीवाड़े और सीट बेचने के संगठित खेल में सीआईडी (CID) की जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। जांच की आंच अब गिरिडीह और उसके आसपास के पूरे कोयलांचल क्षेत्र तक पहुंच चुकी है। अभ्यर्थियों को प्रश्न-उत्तर रटवाने, परीक्षा में सेटिंग कराने और सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर सौदेबाजी करने वाले इस अंतरराज्यीय नेटवर्क में सीआईडी अब तक कुल 33 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
सीआईडी के अनुसार, इस पूरे फर्जीवाड़े में सबसे ज्यादा संदिग्ध और आरोपी गिरिडीह व आसपास के जिलों से जुड़े पाए गए हैं। जांच का दायरा अब झारखंड के साथ-साथ बिहार और उत्तर प्रदेश तक भी फैल गया है।
गिरिडीह और आसपास से कई नामजद दबोचे गए
सीआईडी द्वारा की गई कार्रवाई में कई पुलिसकर्मी, अभ्यर्थी और उनके सहयोगी कानून के शिकंजे में आ चुके हैं। इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
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गिरिडीह: सिपाही रोबिन कुमार (खेरवानी, धनवार), सिपाही अभिलाष कुमार (पिहरा, गांवा), सफल अभ्यर्थी समीर कुमार (बेंगाबाद), अभय कुमार तिवारी, पत्नी सुषमा कुमारी और भाई अक्षय तिवारी।
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धनबाद: दीपक कुमार (नावाडीह), विजय कुमार तिवारी (राजगंज), आनंद कुमार सिंह (सुदामडीह)।
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बोकारो: उमेश कुमार राय (दुगदा)।
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कोडरमा: राजेश प्रसाद यादव, संदीप कुमार (डोमचांच)।
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देवघर: सुधाकर यादव (रिखिया)।
सीआईडी की विशेष टीम लगातार छापेमारी कर रही है और इस सिंडिकेट में शामिल बड़े एजेंटों व मास्टरमाइंडों की तलाश तेज कर दी गई है।