बलूचिस्तान में घिरी पाकिस्तानी सेना: 'करीमा बलूच ब्रिगेड' नाम से पहली महिला विंग तैयार, 3 हजार लड़ाकों की भर्ती

बलूचिस्तान में घिरी पाकिस्तानी सेना: 'करीमा बलूच ब्रिगेड' नाम से पहली महिला विंग तैयार, 3 हजार लड़ाकों की भर्ती

बलूचिस्तान में घिरी पाकिस्तानी सेना: 'करीमा बलूच ब्रिगेड' नाम से पहली महिला विंग तैयार, 3 हजार लड़ाकों की भर्ती

इस्लामाबाद: पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में पाकिस्तानी सेना के खिलाफ संघर्ष अब नए और बेहद आक्रामक मोड़ पर पहुंच गया है। बलूच विद्रोहियों ने अपनी पहली ऑल-फीमेल कॉम्बैट यूनिट 'करीमा आर्म्ड असॉल्ट डिवीजन' (KAAD) यानी 'करीमा बलूच ब्रिगेड' गठित कर ली है। इस ब्रिगेड में करीब 3 हजार महिला लड़ाकों को शामिल किया गया है।

सूत्रों के मुताबिक, इस महिला विंग की भर्ती प्रक्रिया बेहद गोपनीय और कड़े सुरक्षा घेरे में ऑनलाइन सदस्यता के जरिए पूरी की गई है। कनाडा और यूरोपीय देशों में रह रहे बलूच प्रवासी इस पासवर्ड-प्रोटेक्टेड नेटवर्क को संचालित कर रहे हैं। बलूचिस्तान के लगभग 70 फीसदी इलाके पर विद्रोहियों का दबदबा माना जाता है। ऐसे में इस महिला ब्रिगेड की सीधी तैनाती से पाकिस्तानी सेना की चुनौतियां कई गुना बढ़ गई हैं।

ग्वादर प्रोजेक्ट और अमेरिकी हथियारों का नया खतरा

विशेषज्ञों के अनुसार, चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) का प्रमुख केंद्र ग्वादर प्रोजेक्ट अब सीधे करीमा ब्रिगेड के निशाने पर रहेगा। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इन महिला लड़ाकों के पास अत्याधुनिक 'मेड इन यूएस' हथियार मौजूद हैं। 2021 में अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना की वापसी के दौरान छूटे हथियारों के जखीरे को तालिबान के जरिए हासिल कर इन विद्रोहियों तक पहुंचाया गया है।

इसके साथ ही बलूचिस्तान के अरबों डॉलर मूल्य के रेयर अर्थ मिनरल्स पर भी टकराव बढ़ गया है। पाकिस्तानी आर्मी चीफ आसिम मुनीर जहां इन खनिजों पर कब्जा चाहते हैं, वहीं बलूच विद्रोहियों ने इसे अपनी राष्ट्रीय संपदा घोषित कर दिया है।