झारखण्ड छात्र आंदोलन 12वां दिन

झारखण्ड छात्र आंदोलन 12वां दिन

The Jagran News: JPSC-JSSC विवाद - सीएम का बुलावा, पर छात्रों की दो-टूक, "बंद कमरे में नहीं, मीडिया के सामने होगी बात"

​रांची में जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली को लेकर छात्रों का गुस्सा अब उफान पर है। भारी बारिश की परवाह किए बिना, आंदोलन के 12वें दिन भी छात्रों का हौसला नहीं टूटा और उन्होंने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से अल्बर्ट एक्का चौक तक एक विशाल तिरंगा यात्रा निकाली।

​लगातार बढ़ते दबाव को देखते हुए आखिरकार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बातचीत की पहल की है। उन्होंने 4 मंत्रियों (उच्च शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, कल्याण मंत्री चमरा लिंडा और उद्योग मंत्री संजय प्रसाद यादव) की एक कमेटी बनाई है। इसके बाद, सीएम का संदेश लेकर दोपहर करीब 3:30 बजे सदर एसडीओ (SDO) कुमार रजत और एडीएम (ADM) लॉ एंड ऑर्डर धनंजय कुमार स्टेडियम में छात्रों के बीच पहुंचे।

​बंद कमरे की वार्ता नामंजूर

अधिकारियों ने छात्रों को बताया कि सरकार बात करना चाहती है और उनसे 5 सदस्यों का प्रतिनिधिमंडल बनाकर मोरहाबादी स्थित राजकीय अतिथिशाला (State Guest House) में आने को कहा। लेकिन छात्रों ने इस प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया।

​छात्रों का दर्द और आक्रोश उनके जवाब में साफ झलक रहा था। उन्होंने कहा, "यह कोई 5 लोगों का निजी मामला नहीं है, बल्कि लाखों युवाओं के भविष्य का सवाल है। सरकार 12 दिन बाद जागी है, यह अच्छी बात है, लेकिन कोई भी बातचीत बंद कमरे में नहीं होगी।"

​मीडिया के सामने ऑन-रिकॉर्ड बात की मांग

आंदोलनरत छात्रों की मांग बिल्कुल स्पष्ट है—जेपीएससी सिविल सेवा पीटी रद्द हो और जेएसएससी सीजीएल परीक्षा की सीबीआई-ईडी (CBI-ED) से जांच हो। उन्होंने अधिकारियों से साफ कह दिया है कि अगर सरकार वाकई बात करना चाहती है, तो यह वार्ता सार्वजनिक मंच पर, मीडिया के सामने और पूरी तरह से ऑन-रिकॉर्ड होनी चाहिए।

​अब देखना यह है कि हजारों छात्रों के भविष्य से जुड़े इस मुद्दे पर सरकार उनकी यह शर्त मानती है या यह आंदोलन कोई नया मोड़ लेता है।