असली छात्रों का आंदोलन रांची में , इस्तीफा नहीं CBI जांच की मांग

असली छात्रों का आंदोलन रांची में , इस्तीफा नहीं CBI जांच की मांग

JPSC-JSSC विवाद: CBI जांच की मांग पर छात्रों का आंदोलन 11वें दिन भी जारी, 7 अगस्त को झारखंड विधानसभा मार्च का ऐलान

रांची: झारखंड में JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार उग्र होता जा रहा है। राजधानी रांची में 29 जुलाई से शुरू हुआ अनिश्चितकालीन धरना मंगलवार को 11वें दिन में प्रवेश कर गया। CBI जांच, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और भर्ती आयोगों में सुधार की मांग को लेकर बड़ी संख्या में अभ्यर्थी अब भी धरना स्थल पर डटे हुए हैं।

सोमवार शाम छात्रों ने रांची की सड़कों पर मशाल मार्च निकालकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। आंदोलनकारी अभ्यर्थियों ने घोषणा की है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो 7 अगस्त को झारखंड विधानसभा तक पैदल मार्च किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान "JPSC की CBI जांच कराओ", "स्टूडेंट्स यूनिटी जिंदाबाद" और "हेमंत सरकार जवाब दो" जैसे नारे भी लगाए गए।

क्या है पूरा विवाद?

विवाद 14वीं JPSC संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम घोषित होने के बाद शुरू हुआ। 103 पदों के लिए आयोजित परीक्षा में 2,204 अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए सफल घोषित किया गया, लेकिन परिणाम जारी होने के बाद चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठे।

प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों का आरोप है कि आयोग ने श्रेणीवार कट-ऑफ अंक सार्वजनिक नहीं किए और जारी मेरिट सूची पर आयोग के सदस्यों के हस्ताक्षर भी नहीं थे। इसके अलावा सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक कथित OMR शीट को लेकर भी चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए हैं। हालांकि वायरल दस्तावेजों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

छात्रों की प्रमुख मांगें

आंदोलनकारी अभ्यर्थियों की मांग है कि—

  • JPSC, JSSC तथा अन्य भर्ती परीक्षाओं की CBI से जांच कराई जाए।
  • 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा रद्द कर दोबारा आयोजित की जाए।
  • भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और समयबद्ध बनाया जाए।
  • भर्ती आयोगों में व्यापक संरचनात्मक सुधार किए जाएं।

छात्रों का कहना है कि यह आंदोलन केवल एक परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि वर्षों से भर्ती प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं, परीक्षा में देरी और नियुक्तियों में विलंब से प्रभावित लाखों युवाओं की आवाज है।

सरकार ने अब तक क्या किया?

आरोपों के बाद झारखंड सरकार ने मामले की जांच के लिए CID की विशेष जांच टीम (SIT) गठित की है। जांच के दौरान JPSC की तत्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं JPSC के तत्कालीन अध्यक्ष एल. खियांगते ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके अलावा 14वीं JPSC मुख्य परीक्षा सहित कई भर्ती परीक्षाएं फिलहाल स्थगित कर दी गई हैं।

CBI जांच की मांग को मिला राजनीतिक समर्थन

इस बीच भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने भी पूरे मामले की CBI जांच की मांग की है। उन्होंने भर्ती आयोगों में कथित भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद के आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य के युवाओं को न्याय दिलाने के लिए स्वतंत्र केंद्रीय एजेंसी से निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।

हालांकि छात्र संगठनों का कहना है कि SIT की कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। उनका तर्क है कि पूरे भर्ती घोटाले की सच्चाई तभी सामने आएगी जब इसकी जांच CBI जैसी स्वतंत्र एजेंसी को सौंपी जाएगी।