वाशिंगटन (The Jagran News): अमेरिका के वाशिंगटन में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बीच ऐतिहासिक द्विपक्षीय वार्ता संपन्न हुई। बैठक का सबसे प्रमुख बिंदु आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का नियमन रहा। दोनों वैश्विक नेताओं ने इस बात पर पूर्ण सहमति जताई कि भविष्य में AI तकनीक को मानवीय नियंत्रण (Human Control) के भीतर ही सीमित रखा जाएगा, ताकि वैश्विक सुरक्षा को किसी जोखिम से बचाया जा सके।
बैठक के दौरान व्यापार मोर्चे पर राष्ट्रपति ट्रम्प ने कड़ा रुख नरम करते हुए चीन को बड़ी राहत दी है। रूसी तेल खरीद के चलते चीन पर प्रस्तावित 100% अतिरिक्त टैरिफ को जनवरी 2027 तक टाल दिया गया है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने स्पष्ट किया कि दोनों देश फिलहाल एक-दूसरे के खिलाफ जवाबी टैरिफ लगाने से बचेंगे। वर्तमान में चीनी सामान पर अमेरिका का औसत टैरिफ 36.5% और अमेरिकी सामान पर चीन का औसत टैरिफ 31% लागू है।
इस दौरे पर कूटनीतिक प्रोटोकॉल भी टूटते दिखे। 1962 के बाद पहली बार किसी अमेरिकी राष्ट्रपति ने एयरपोर्ट जाकर विदेशी राष्ट्राध्यक्ष की अगवानी की, जहां खुद ट्रम्प जिनपिंग के स्वागत के लिए पहुंचे थे। वहीं घरेलू मोर्चे पर ट्रम्प प्रशासन को कोर्ट से झटका लगा, जहां कोलंबिया की अदालत ने व्हाइट हाउस में CNN, एमएस नाउ और पॉलिटिको की प्रेस एंट्री दोबारा बहाल करने का आदेश दे दिया।