फ्लाइट कैंसिल या लेट होने पर क्या वापस मिलेगा पूरा किराया? जानिए यात्रियों के अधिकार और DGCA के जरूरी नियम

फ्लाइट कैंसिल या लेट होने पर क्या वापस मिलेगा पूरा किराया? जानिए यात्रियों के अधिकार और DGCA के जरूरी नियम

फ्लाइट कैंसिल या लेट होने पर क्या वापस मिलेगा पूरा किराया? जानिए यात्रियों के अधिकार और DGCA के जरूरी नियम

नई दिल्ली: हवाई यात्रा के दौरान फ्लाइट लेट होने, कैंसिल होने या बोर्डिंग न मिलने से परेशान यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। हाल ही में दिल्ली उपभोक्ता आयोग ने इंडिगो एयरलाइंस की फ्लाइट लेट होने और फिर यात्री को नो-बोर्डिंग देने के मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए एयरलाइन को पूरा किराया लौटाने के साथ ही 50 हजार रुपये का हर्जाना देने का आदेश दिया है। इस फैसले के बाद यह जानना बेहद जरूरी हो जाता है कि नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के तहत यात्रियों के क्या अधिकार हैं।

क्या फ्लाइट रद्द होने पर मिलता है रिफंड? डीजीसीए नियमों के मुताबिक, यदि एयरलाइन फ्लाइट रद्द करती है, तो उसे यात्री को वैकल्पिक फ्लाइट की सुविधा या फिर पूरे किराए का रिफंड देना अनिवार्य है। यदि कैंसिलेशन की सूचना समय पर नहीं दी जाती है, तो एयरलाइन को 5,000 से 10,000 रुपये तक का मुआवजा देना पड़ सकता है।

उड़ान में देरी पर मुफ्त खाना और होटल की सुविधा

  • 2 घंटे या अधिक की देरी: एयरलाइन को यात्रियों को मुफ्त चाय-नाश्ता और पेय पदार्थ मुहैया कराना होता है।

  • 4 घंटे या उससे अधिक की देरी: यात्रियों को मुफ्त भोजन और ड्रिंक्स उपलब्ध कराना अनिवार्य है।

  • 6 घंटे से अधिक देरी या रात भर का इंतजार: यात्रियों के लिए होटल में ठहरने और आने-जाने की मुफ्त व्यवस्था एयरलाइन को करनी होगी।

शिकायत दर्ज कराने का तरीका यात्री सबसे पहले संबंधित एयरलाइन के नोडल अधिकारी या ग्रीवांस सेल में शिकायत करें। समाधान न मिलने पर नागरिक उड्डयन मंत्रालय के 'एयरसेवा' (AirSewa) पोर्टल या ऐप पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। इसके अलावा राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन या उपभोक्ता आयोग का दरवाजा भी खटखटाया जा सकता है।