स्पेन में गहराया शरणार्थी संकट: मैड्रिड में सड़कों पर उतरे 50 हजार से अधिक लोग, पीएम पेड्रो सांचेज के इस्तीफे की मांग
मैड्रिड: स्पेन इस समय गंभीर मानवीय और राजनीतिक उथल-पुथल के दौर से गुजर रहा है। उत्तरी अफ्रीकी तट पर स्थित स्पेनिश शहर 'स्यूता' (Ceuta) का स्थापना दिवस इस वर्ष जश्न के माहौल के बजाय भारी विरोध-प्रदर्शनों की भेंट चढ़ गया। देश में लगातार बढ़ते शरणार्थी संकट को लेकर आम जनता का आक्रोश फूट पड़ा है और स्पेन के कई प्रमुख शहरों में लाखों नागरिक सड़कों पर उतर आए हैं।
राजधानी मैड्रिड में विरोध-प्रदर्शन का सबसे बड़ा रूप देखने को मिला, जहां 50 हजार से भी अधिक लोग एकत्र हुए। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और सीधे तौर पर उनके इस्तीफे की मांग उठाई।
सड़कों पर उतरे नागरिकों का आरोप है कि सरकार सीमा सुरक्षा और अवैध प्रवासियों के प्रबंधन में पूरी तरह विफल साबित हुई है। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें हैं:
-
अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर सुरक्षा व्यवस्था को तुरंत सख्त किया जाए।
-
देश में अवैध रूप से दाखिल हुए शरणार्थियों को तत्काल वापस उनके मूल देशों में भेजा जाए।
-
सीमावर्ती शहरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस नीतियां बनाई जाएं।
स्यूता में शरणार्थियों की अनियंत्रित आमद ने न केवल स्थानीय प्रशासन पर दबाव बढ़ा दिया है, बल्कि इसने राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक अस्थिरता भी पैदा कर दी है। विपक्षी दल और आम जनता अब सरकार से इस मुद्दे पर त्वरित व सख्त कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।