आईपीएल 2025 से पहले कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) में बांग्लादेशी तेज गेंदबाज मुस्तफिजूर रहमान की एंट्री को लेकर विवाद तेज हो गया है। शाहरुख खान की सह-स्वामित्व वाली इस टीम ने मुस्तफिजूर को 9.2 करोड़ रुपये में खरीदा है, जिसके बाद धार्मिक संगठनों से लेकर राजनीतिक दलों तक ने सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।
इस पूरे मामले पर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि खेल की अपनी सीमाएं और नियम होते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी खिलाड़ी को लेकर अंतिम फैसला भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) का अधिकार क्षेत्र है।
धीरेंद्र शास्त्री ने कहा,
“खेल को खेल की तरह ही देखा जाना चाहिए। बीसीसीआई इस पर निर्णय लेगी। लेकिन बांग्लादेशी खिलाड़ियों को यह जरूर सोचना चाहिए कि उनके देश में रहने वाले हिंदू भाई-बहनों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित हो। यह उनकी नैतिक जिम्मेदारी बनती है। अगर वे समाज और राष्ट्र के हित में आवाज उठाते हैं, तो वह सराहनीय होगा।”
रामभद्राचार्य का तीखा हमला, शाहरुख खान पर साधा निशाना
विवाद के बीच जगतगुरु रामभद्राचार्य ने शाहरुख खान पर कड़ा प्रहार किया है। नागपुर में पीटीआई से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि शाहरुख खान का रवैया हमेशा से राष्ट्रहित के विपरीत रहा है। उन्होंने बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों का जिक्र करते हुए भारत सरकार से सख्त रुख अपनाने की मांग की।
रामभद्राचार्य ने कहा कि बांग्लादेश को यह याद दिलाया जाना चाहिए कि उसका अस्तित्व हिंदुओं के सहयोग और बलिदान से जुड़ा रहा है, ऐसे में वहां अल्पसंख्यकों पर हमले किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं हैं।
विवाद गहराया, राजनीति और खेल आमने-सामने
मुस्तफिजूर रहमान की KKR में एंट्री को लेकर चल रही यह बहस अब खेल से आगे निकलकर राजनीतिक और धार्मिक मुद्दा बनती जा रही है। आने वाले दिनों में इस पर बीसीसीआई और आईपीएल प्रबंधन की भूमिका अहम मानी जा रही है।