बठिंडा कोर्ट सख्त, कंगना रनौत को पेशी से राहत नहीं; 15 जनवरी को हाजिर होने का आदेश

बठिंडा कोर्ट सख्त, कंगना रनौत को पेशी से राहत नहीं; 15 जनवरी को हाजिर होने का आदेश

 बठिंडा : में बॉलीवुड अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनौत को पंजाब के बठिंडा की अदालत से बड़ा झटका लगा है। किसान आंदोलन के दौरान एक बुजुर्ग महिला किसान पर की गई कथित टिप्पणी से जुड़े मानहानि मामले में कोर्ट ने उनकी पेशी से छूट की मांग को ठुकरा दिया है। अदालत ने साफ कर दिया है कि कंगना को 15 जनवरी को हर हाल में व्यक्तिगत रूप से पेश होना होगा।

कोर्ट ने चेतावनी दी है कि यदि तय तारीख पर कंगना अदालत में उपस्थित नहीं होती हैं, तो उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया जा सकता है और पहले से मिली जमानत पर भी संकट आ सकता है।

क्या है पूरा विवाद

यह मामला वर्ष 2020-21 के किसान आंदोलन से जुड़ा है। बठिंडा जिले के बहादुरगढ़ जंडिया गांव की रहने वाली बुजुर्ग महिला किसान महिंदर कौर उर्फ बेबे महिंदर कौर ने जनवरी 2021 में कंगना रनौत के खिलाफ मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप है कि कंगना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर महिला किसान की तस्वीर साझा करते हुए अपमानजनक टिप्पणी की थी, जिससे उनकी प्रतिष्ठा और सम्मान को ठेस पहुंची।

कंगना ने अपने बचाव में कहा था कि वह पोस्ट अनजाने में रीट्वीट हो गई थी और उनका किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाने का इरादा नहीं था। हालांकि शिकायतकर्ता पक्ष ने इसे स्पष्ट रूप से मानहानिकारक बताया। यह मामला भारतीय दंड संहिता की धारा 499 और 500 के तहत दर्ज है।

हालिया सुनवाई में क्या हुआ

5 जनवरी 2026 को हुई सुनवाई के दौरान कंगना रनौत अदालत में उपस्थित नहीं हुईं। उनकी ओर से दायर आवेदन में मुंबई में पहले से तय पेशेवर और आधिकारिक व्यस्तताओं का हवाला देकर व्यक्तिगत पेशी से छूट मांगी गई थी। शिकायतकर्ता के वकील रघुबीर सिंह ने इसका विरोध करते हुए कहा कि यह चौथी बार है जब कंगना ने पेशी से बचने के लिए आवेदन दिया है, जिससे मामले को जानबूझकर लंबा खींचा जा रहा है।

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने छूट की अर्जी खारिज कर दी और अगली तारीख 15 जनवरी तय करते हुए कंगना को स्वयं उपस्थित होने का निर्देश दिया। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि स्थायी छूट से जुड़ी उनकी पुरानी याचिका पर भी उसी दिन बहस होगी।

अब तक की कार्यवाही

अक्टूबर 2025 में कंगना रनौत पहली बार अदालत में पेश हुई थीं, जहां उन्हें जमानत मिली थी। उस दौरान उन्होंने मौखिक रूप से खेद भी जताया था, लेकिन शिकायतकर्ता पक्ष ने उसे स्वीकार नहीं किया। नवंबर 2025 में कोर्ट ने आरोप तय किए थे। इसके बाद कंगना ने मामले को रद्द कराने के लिए हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट का रुख किया, लेकिन वहां से भी उन्हें कोई राहत नहीं मिली।

दिसंबर 2025 में एक बार फिर उनकी गैरहाजिरी पर कोर्ट ने चेतावनी देते हुए अस्थायी राहत दी थी, लेकिन अब अदालत ने सख्त रुख अपना लिया है। फिलहाल इस पूरे मामले पर कंगना रनौत की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।