झारखंड में 1.25 लाख शिक्षकों की हर साल 50 घंटे होगी ट्रेनिंग, AI और डिजिटल टूल्स पर सरकार का फोकस

झारखंड में 1.25 लाख शिक्षकों की हर साल 50 घंटे होगी ट्रेनिंग, AI और डिजिटल टूल्स पर सरकार का फोकस

झारखंड के 1.25 लाख सरकारी शिक्षकों को हर साल मिलेगी 50 घंटे की ट्रेनिंग, AI और ई-कंटेंट पर रहेगा खास जोर

रांची: राज्य के सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर को आधुनिक और हाईटेक बनाने के लिए झारखंड सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब राज्य के 1.25 लाख सरकारी शिक्षकों को हर साल 50 घंटे की विशेष और आधुनिक ट्रेनिंग दी जाएगी। शिक्षा विभाग के इस प्रस्ताव को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की स्वीकृति मिलने के बाद राज्य योजना प्राधिकृत समिति ने भी मंजूरी दे दी है।

इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर सालाना लगभग ₹21.36 करोड़ खर्च किए जाएंगे। इसमें कक्षा 1 से 8 तक के शिक्षकों के लिए ₹16.95 करोड़ और कक्षा 9 से 12 तक के शिक्षकों के लिए ₹4.41 करोड़ का प्रावधान 'ज्ञानोदय योजना' के तहत किया गया है।

टीएनए (TNA) से तय होगी ट्रेनिंग की दिशा

सभी शिक्षकों को पारंपरिक एक जैसा प्रशिक्षण देने के बजाय 'टीचर नीड असेसमेंट' (TNA) कराया जाएगा। इसमें शिक्षकों की व्यक्तिगत कमजोरियों और जरूरतों का आंकलन कर मॉड्यूल तैयार होंगे। प्रशिक्षण के लिए JCERT और DIET स्तर पर तय मानकों से मास्टर ट्रेनर चुने जाएंगे।

AI और आधुनिक डिजिटल टूल्स का होगा इस्तेमाल

शिक्षकों को सिर्फ सामान्य शिक्षण पद्धति ही नहीं, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ई-कंटेंट निर्माण, डिजिटल टूल्स और क्लासरूम लीडरशिप का प्रशिक्षण दिया जाएगा। गणित के लिए जियो-जेब्रा, भूगोल के लिए भुवन, विज्ञान के लिए वर्चुअल लैब तथा भाषा व क्विज के लिए 'रीड अलॉन्ग' और 'कहुत' जैसे टूल्स सिखाए जाएंगे। जे-गुरुजी ऐप और दीक्षा पोर्टल का उपयोग भी ट्रेनिंग का मुख्य हिस्सा रहेगा।