बिहार की राजनीति में जल्द बड़ा सियासी बदलाव देखने को मिल सकता है। खबर है कि राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की पूर्व नेता और तेजस्वी यादव की करीबी मानी जाने वाली रितु जायसवाल भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो सकती हैं। राजनीतिक हलकों में इसे राजद के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, खासकर इसलिए क्योंकि रितु जायसवाल को पार्टी का प्रभावशाली गैर-यादव चेहरा माना जाता रहा है।
सूत्रों के मुताबिक भाजपा नेतृत्व के साथ उनकी बातचीत अंतिम चरण में पहुंच चुकी है और जल्द ही उनके औपचारिक रूप से पार्टी जॉइन करने की संभावना जताई जा रही है।
बताया जाता है कि पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान टिकट वितरण को लेकर रितु जायसवाल और राजद नेतृत्व के बीच मतभेद बढ़ गए थे। सीतामढ़ी जिले की परिहार विधानसभा सीट से वे खुद को मजबूत दावेदार मान रही थीं, लेकिन पार्टी ने वहां से दूसरे उम्मीदवार को टिकट दे दिया। इसके बाद उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला किया था।
निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव मैदान में उतरकर रितु जायसवाल ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया और बड़ी संख्या में वोट हासिल किए। वहीं राजद उम्मीदवार तीसरे स्थान पर चली गईं, जबकि भाजपा प्रत्याशी को इसका लाभ मिला। इस नतीजे ने क्षेत्र में रितु जायसवाल की व्यक्तिगत राजनीतिक पकड़ को मजबूत तरीके से सामने रखा।
तेजस्वी यादव की टीम में कभी प्रमुख चेहरा रहीं रितु जायसवाल अपनी साफ छवि, प्रशासनिक अनुभव और आक्रामक टीवी डिबेट शैली के लिए जानी जाती हैं। इससे पहले वे सीतामढ़ी की सिंहवाहिनी पंचायत की मुखिया रह चुकी हैं और ग्रामीण विकास कार्यों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित भी हो चुकी हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि रितु जायसवाल भाजपा में शामिल होती हैं, तो इसका असर सीतामढ़ी, शिवहर और तिरहुत क्षेत्र की राजनीति पर पड़ सकता है। भाजपा को जहां महिला और वैश्य वोटरों के बीच मजबूती मिल सकती है, वहीं राजद को अपने प्रभावशाली गैर-यादव नेतृत्व की कमी महसूस हो सकती