बिहारी दूल्हा, दुल्हन रशियन

बिहारी दूल्हा, दुल्हन रशियन

कटिहार/दिल्ली: प्यार की कोई सीमा नहीं होती और न ही कोई सरहद, इस बात को एक बार फिर बिहार के एक लड़के और रूस की एक लड़की ने सच कर दिखाया है। रूस में डॉक्टरी की पढ़ाई करने गए बिहार के एक होनहार डॉक्टर को वहां की एक रशियन लड़की से प्यार हो गया। दोनों का यह प्यार इस कदर परवान चढ़ा कि बीती रात बिहार के कटिहार में दोनों ने सनातन परंपरा के अनुसार सात फेरे लेकर हमेशा-हमेशा के लिए एक-दूसरे का हाथ थाम लिया। विदेशी बहू के भारतीय रंग-रूप और संस्कारों को देखकर पूरा इलाका उनकी तारीफ करते नहीं थक रहा है।

कोरोना काल में रशियन यूनिवर्सिटी में शुरू हुई थी लव स्टोरी

दूल्हे ने बताया कि वह साल 2017 में एमबीबीएस (MBBS) की पढ़ाई करने के लिए रूस गया था। इसी दौरान साल 2020 में कोरोना महामारी के दौर में उसकी मुलाकात यूनिवर्सिटी में ही आर्किटेक्ट की पढ़ाई कर रही अनस्तासिया (Anastasia) से हुई। शुरुआत में दोनों के बीच सामान्य दोस्ती हुई, लेकिन धीरे-धीरे मुलाकातें बढ़ती गईं और दोनों की दोस्ती प्यार में बदल गई। साल 2022 में डॉक्टर बाबू अपनी लाइसेंसिंग परीक्षा पास कर भारत लौट आए और दिल्ली के पटपड़गंज स्थित मैक्स हॉस्पिटल में बतौर आईसीयू मेडिकल ऑफिसर सेवा देने लगे, लेकिन सात समंदर की दूरी भी इनके प्यार को कम नहीं कर सकी।

5 साल तक किया विचार, टेस्ट करने के लिए आई थीं भारत

शादी का फैसला दोनों के लिए जल्दबाजी का नहीं था। डॉक्टर ने बताया कि साल 2020 से 2025 तक, पूरे 5 साल उन्होंने एक-दूसरे को समझने और विचार-विमर्श करने में लगाए। इस दौरान अनस्तासिया एक-दो बार भारत भी आईं। दूल्हा अपनी होने वाली जीवनसंगिनी को भारत का कल्चर, रहन-सहन और अपने परिवार से रूबरू कराना चाहता था ताकि वह देख सकें कि वह यहां एडजस्ट कर पाएंगी या नहीं। अनस्तासिया ने जब सहर्ष हां कहा, तब लड़के ने अपने पिता से आज्ञा मांगी, और बेटे की खुशी देखकर पिता ने भी तुरंत शादी के लिए हरी झंडी दे दी।

कटिहार के दुर्गा स्थान मंदिर में हुआ 'आदर्श विवाह'

बिहार में जहां आज भी शादियों में भारी-भरकम दहेज का चलन देखने को मिलता है, वहीं इस डॉक्टर ने समाज के सामने एक बड़ी मिसाल पेश की है। दूल्हे के भाई ने गर्व से बताया कि उनके भाई ने बिना किसी लेन-देन के एक 'आदर्श विवाह' संपन्न किया है। कटिहार के प्रसिद्ध दुर्गा स्थान मंदिर में पूरी तरह से वैदिक और सनातन रीति-रिवाज के साथ दोनों परिणय सूत्र में बंध गए।

मांग में सिंदूर, पैरों में बिछिया... रशियन बहू सीख रही हैं भारतीय खाना बनाना

विदेशी बहू अनस्तासिया न सिर्फ भारतीय पोशाक में बेहद खूबसूरत लग रही हैं, बल्कि वे भारतीय संस्कारों को भी बखूबी अपना रही हैं। दूल्हे ने बताया कि अनस्तासिया में भारतीय संस्कृति को सीखने की गजब की चाह है। वह घर के बड़ों का सम्मान करना, मेहमानों का स्वागत करना और यहां तक कि रसोई में भारतीय खाना बनाना भी सीख रही हैं। बड़ों के पैर छूकर आशीर्वाद लेती इस रशियन बहू को देखकर लड़के के भाई ने खुशी से कहा, "हमारे गांव की सबसे खूबसूरत भाभी हमारे घर आई हैं।" इस अनोखे विवाह की चर्चा पूरे जिले में कौतूहल और प्रशंसा का विषय बनी हुई है।