मणिपुर में म्यांमार से घुसे उग्रवादियों का खूनी तांडव: महिला समेत 10 की हत्या, 14 घर जलाए और थाने में लगाई आग!
कमजोंग/उखरूल: पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर के पहाड़ी जिलों में खूनी संघर्ष एक बार फिर बेकाबू हो गया है। कमजोंग और उखरूल में हथियारबंद गुटों के बीच बीते चौबीस घंटों में हुई भीषण झड़पों में एक महिला समेत 10 लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी गई है। मृतकों में 6 नगा, 3 कुकी और 1 नेपाली नागरिक शामिल हैं। सीमा पार म्यांमार से घुसे कुकी नेशनल आर्मी-बर्मा (KNA-B) के उग्रवादियों की संलिप्तता ने मामले को और अधिक संवेदनशील और गंभीर बना दिया है।
थाने में लगाई आग, लकड़ी की दुकानें खाक
पुलिस सूत्रों के अनुसार, चसाड थाना क्षेत्र के पास अवैध बंकरों के निर्माण की सूचना पर सुरक्षाबलों ने अभियान शुरू किया था। इस दौरान महिलाओं द्वारा बाधा डालने के बाद अज्ञात हथियारबंद हमलावरों ने सुरक्षाकर्मियों पर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। हमले में 42 वर्षीय महिला की गोली लगने से मौत हो गई। इसके बाद उपद्रवियों ने चसाड थाने में आग लगा दी, जिससे उसकी एंट्री के पास स्थित लकड़ी की दुकानें पूरी तरह जलकर क्षतिग्रस्त हो गईं। उधर कांगपोकपी जिले के मकुई अशांग और तपोन गांव में 14 घरों को आग के हवाले कर दिया गया।
विलेज डिफेंडर का सिर धड़ से अलग करने का आरोप
मकुई अशांग और तपोन गांव को करीब 100 हथियारबंद उग्रवादियों ने घेरकर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं। ग्रामीणों के अनुसार, हमलावरों ने चार विलेज डिफेंडरों को गोलियों से भून दिया, जिनमें से एक विलेज डिफेंडर (आर. अजिन नगा) का सिर धड़ से अलग कर दिया गया (हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है)।
9 महीनों में 50 मौतें, सियासत गरमाई
कुकी और तांगखुल नगा समुदायों के बीच पिछले 9 महीनों से जारी इस तनाव में अब तक 50 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। हिंसा पर आक्रोश जताते हुए पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने कहा कि नेपाली समुदाय के व्यक्ति संदीप राय की हत्या दर्शाती है कि अन्य तबकों को भी निशाना बनाया जा रहा है। इस बीच, मणिपुर के मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर राज्य के ताजा सुरक्षा हालातों पर चर्चा की है।