यूएन में एस. जयशंकर की पाकिस्तान को खरी-खरी: 'आतंक को पालने वालों को कठघरे में लाएंगे', रूस ने किया भारत की स्थायी सीट का समर्थन
न्यूयॉर्क: संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के मंच से भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पाकिस्तान और सीमा पार आतंकवाद को पनाह देने वाले देशों पर जोरदार प्रहार किया है। जयशंकर ने कड़े शब्दों में कहा कि आतंकवाद को पालने-पोसने वालों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कठघरे में लाने का वक्त आ चुका है। दुनिया को एकजुट होकर ऐसे देशों के खिलाफ सख्त आर्थिक कार्रवाई करनी होगी।
जयशंकर ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि भारतीय नाविकों और जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भारत ने 22 देशों के साथ मिलकर एक मजबूत सुरक्षा समूह बनाया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि युद्ध किसी भी समस्या का समाधान नहीं हो सकता, समाधान केवल संवाद से ही संभव है।
पाक पर भारत का पलटवार: पहले अपने गिरेबां में झांके
इससे पहले पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने यूएन में फिर कश्मीर का राग अलापते हुए जनमत संग्रह की मांग की और सिंधु जल समझौते को लेकर गीदड़भभकी दी। इस पर यूएन में भारत की फर्स्ट सेक्रेटरी पेटल गहलोत ने करारा जवाब देते हुए कहा कि पाकिस्तान को कश्मीर पर बोलने से पहले अपने गिरेबां में झांकना चाहिए। पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में जनता बुनियादी हकों और आजादी के लिए सड़कों पर उतरी हुई है और वहां के फौजी हुक्मरान अवाम का बेरहमी से दमन कर रहे हैं।
UNSC में भारत की स्थायी सदस्यता को रूस का खुला समर्थन
इसी सत्र में रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत की स्थायी सदस्यता का पुरजोर समर्थन किया। लावरोव ने स्पष्ट कहा कि सुरक्षा परिषद के विस्तार का समय आ गया है और इसमें एशिया से भारत, दक्षिण अमेरिका से ब्राजील तथा अफ्रीका को स्थान मिलना चाहिए, जबकि जर्मनी और जापान को शामिल नहीं किया जाना चाहिए।