12वीं के बाद टूरिज्म में सुनहरा भविष्य: 2036 तक 6.35 करोड़ नौकरियों का अनुमान, देश के 7 बड़े संस्थान और टॉप कोर्सेज
नई दिल्ली: आज यानी 'विश्व पर्यटन दिवस' के अवसर पर युवाओं के लिए टूरिज्म सेक्टर में करियर के असीम अवसर सामने आ रहे हैं। ट्रैवल और टूरिज्म अब केवल घूमने-फिरने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि एयरलाइंस, होटल, टूर मैनेजमेंट, वाइल्डलाइफ सफारी, क्रूज, ईको-टूरिज्म और एडवेंचर टूरिज्म जैसे हाई-डिमांड सेक्टर्स में तेजी से विस्तार कर रहा है।
वर्ल्ड ट्रैवल एंड टूरिज्म काउंसिल के अनुसार, भारत के इस सेक्टर में 4.62 करोड़ रोजगार दर्ज हैं, जिसके साल 2036 तक बढ़कर 6.35 करोड़ से अधिक होने का अनुमान है। वहीं, इंडिया ब्रांड इक्विटी फाउंडेशन के मुताबिक, देश की जीडीपी में इसका योगदान 2024 के 256 अरब डॉलर से बढ़कर 2034 तक 523 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है।
12वीं के बाद प्रमुख यूजी कोर्सेज:
-
बीटीटीएम (बैचलर ऑफ टूरिज्म एंड ट्रैवल मैनेजमेंट): 3 से 4 साल के इस कोर्स में डेस्टिनेशन नॉलेज, एयर टिकटिंग, टूरिज्म लॉ और ट्रैवल एजेंसी मैनेजमेंट सिखाया जाता है।
-
बीबीए इन टूरिज्म एंड ट्रैवल: इसमें डिजिटल मार्केटिंग, अकाउंटिंग, टूरिज्म इकोनॉमिक्स और लॉजिस्टिक्स की पढ़ाई होती है।
-
बी.वॉक इन टूरिज्म मैनेजमेंट: प्रैक्टिकल वोकेशनल ट्रेनिंग, हेरिटेज मैनेजमेंट और ग्राउंड टूर लॉजिस्टिक्स पर आधारित कोर्स।
अधिकांश सेंट्रल और स्टेट यूनिवर्सिटीज में दाखिला सीयूईटी-यूजी (CUET-UG) के जरिए मिलता है। प्रमुख संस्थानों में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टूरिज्म मैनेजमेंट, कॉलेज ऑफ वोकेशनल स्टडीज (DU), जामिया मिल्लिया इस्लामिया, बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU), क्राइस्ट यूनिवर्सिटी बेंगलुरु, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी और एमिटी यूनिवर्सिटी शामिल हैं।
इसके साथ ही विदेशी भाषा सीखने और 28 दिनों का बेसिक माउंटेनियरिंग कोर्स (BMC) करने वाले छात्रों के लिए एडवेंचर टूरिज्म (अनुमानित बाजार 2034 तक 88.46 अरब डॉलर) में बेहतरीन ग्लोबल पैकेज के मौके हैं।