उत्तराखंड में कुदरत का कोहराम

उत्तराखंड में कुदरत का कोहराम

उत्तराखंड में कुदरत का कोहराम: ऋषिकेश में खतरे के पार गंगा, त्रिवेणी घाट डूबा; केदारनाथ मार्ग पर 4500 और आदि कैलाश में फंसे 550 श्रद्धालु

देहरादून/रुद्रप्रयाग: मानसून की विदाई से ठीक पहले उत्तराखंड में मौसम के बदले मिजाज ने भारी तबाही मचा दी है। पहाड़ों पर हो रही मूसलाधार बारिश और ताजा बर्फबारी के चलते राज्य भर में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो चुका है। ऋषिकेश में गंगा नदी विकराल रूप धारण करते हुए 339.5 मीटर के चेतावनी स्तर को पार कर गई है। पवित्र त्रिवेणी घाट समेत निचले इलाके पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं, जिससे प्रसिद्ध गंगा आरती स्थल भी पानी में डूब गया है। प्रशासन ने एहतियातन पूरे इलाके को खाली करा लिया है और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस व एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों को अलर्ट मोड पर तैनात कर दिया है।

दूसरी तरफ, रुद्रप्रयाग के सिरोबगड़ के पास भीषण भूस्खलन होने से केदारनाथ यात्रा मार्ग पूरी तरह ठप हो गया है। रास्ते बंद होने और मौसम खराब होने के कारण केदारनाथ में लगभग 4,500 श्रद्धालु फंस गए हैं। सुरक्षा कारणों से फिलहाल केदारनाथ यात्रा और हेलिकॉप्टर सेवाओं को रोक दिया गया है। वहीं, आदि कैलाश मार्ग पर भी करीब 10 मीटर सड़क धंस जाने से लगभग 550 यात्री फंसे हुए हैं।

मौसम विभाग ने उत्तराखंड के कई जनपदों में बारिश का 'रेड अलर्ट' जारी किया है। चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ के ऊपरी पहाड़ी हिस्सों में भारी बर्फबारी दर्ज की गई है, जिससे तापमान में भारी गिरावट आई है। प्रशासन ने तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने और नदी-नालों व भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी है।