नेपाल में आधी रात का हाई वोल्टेज ड्रामा: पूर्व चीफ जस्टिस चोलेंद्र शमशेर राणा गिरफ्तार, 12 घंटे बाद पुलिस ने छोड़ा; बैकफुट पर आई सरकार
काठमांडू: नेपाल की सियासत और न्यायपालिका के इतिहास में अभूतपूर्व घटनाक्रम सामने आया है। रविवार तड़के करीब 3 बजे नेपाल पुलिस ने देश के पूर्व प्रधान न्यायाधीश (चीफ जस्टिस) चोलेंद्र शमशेर राणा को उनके महाराजगंज स्थित आवास से हिरासत में ले लिया। नेपाल के न्यायिक इतिहास में यह पहला मौका था जब किसी पूर्व चीफ जस्टिस के खिलाफ ऐसी कार्रवाई की गई।
तड़के हुई इस नाटकीय कार्रवाई के बाद देश के राजनीतिक और कानूनी गलियारों में हड़कंप मच गया। हालांकि, हिरासत में रखने के करीब 12 घंटे बाद पुलिस ने उन्हें रिहा कर दिया।
शुरुआत में स्थानीय पुलिस ने इस कार्रवाई को औपचारिक गिरफ्तारी बताया था, लेकिन बढ़ते विवाद और भारी विरोध को देखते हुए पुलिस प्रशासन बैकफुट पर नजर आया। बाद में पुलिस ने सफाई देते हुए दावा किया कि यह कोई कानूनी गिरफ्तारी नहीं थी, बल्कि संभावित 'सुरक्षा खतरे' को टालने के मद्देनजर उठाया गया एक एहतियाती कदम था।
बता दें कि चोलेंद्र शमशेर राणा 1 जनवरी 2019 को नेपाल के चीफ जस्टिस बने थे। उनका कार्यकाल विवादों से घिरा रहा और साल 2022 में उनके खिलाफ संसद में महाभियोग प्रस्ताव भी लाया गया था। आधी रात को पूर्व मुख्य न्यायाधीश के घर पर पुलिस की दस्तक और फिर 12 घंटे की कस्टडी के बाद रिहाई ने नेपाल के सत्ता तंत्र पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।