यूजीसी कानून को लेकर देशभर में मचे विरोध के बीच बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील करते हुए कहा कि भारत को बांटने नहीं, बल्कि जोड़ने की ज़रूरत है।
औरैया में एक कार्यक्रम के दौरान बोलते हुए धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि भारत में न कोई अगड़ा है, न कोई पिछड़ा — यहां सब भारतीय हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि असमानता की कोई जगह भारत में नहीं होनी चाहिए और देश की एकता सर्वोपरि है।
यूजीसी कानून पर बढ़ता विरोध
देश के अलग-अलग हिस्सों में यूजीसी अधिनियम के खिलाफ प्रदर्शन तेज़ होते जा रहे हैं। कई संगठनों और लोगों ने इसे “काला कानून” बताते हुए विरोध दर्ज कराया है। जनभावनाओं को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई करते हुए फिलहाल कानून पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।
इसी मुद्दे पर धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि मौजूदा हालात में समाज को तोड़ने वाली सोच से बचना जरूरी है। भारत में हम सब एक हैं और हमें एक-दूसरे से जोड़ने वाले प्रयासों को आगे बढ़ाना चाहिए।
“हिंदू समाज एक है” — धीरेंद्र शास्त्री
पीठाधीश्वर ने कहा कि भारत सरकार से उनकी प्रार्थना है कि नीतियों के माध्यम से समाज में विभाजन न हो। उन्होंने कहा, “हम सब हिंदू एक हैं और एकता के लिए मिलकर काम करना चाहिए।”
उन्होंने बागेश्वर धाम में होने वाले सामाजिक आयोजनों का उदाहरण देते हुए बताया कि महाशिवरात्रि के अवसर पर 300 कन्याओं का सामूहिक विवाह कराया जा रहा है, जिसमें ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और सेवक — सभी समाजों की बेटियां शामिल होंगी। यह सामाजिक समरसता का प्रतीक है।
औरैया में भाजपा नेताओं का इस्तीफा
यूजीसी के विरोध की आंच राजनीतिक गलियारों तक भी पहुंच गई है। उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में भारतीय जनता पार्टी के तीन पदाधिकारियों ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है।
जिला संयोजक संजीव कुमार त्रिपाठी, जिला उपाध्यक्ष आनंदपाल सिंह तोमर और पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ के जिला संयोजक अनिल कुमार चतुर्वेदी ने अपने इस्तीफे में कहा कि पार्टी का नारा “सबका साथ, सबका विकास” अब ज़मीनी हकीकत से मेल नहीं खाता। उनका आरोप है कि यूजीसी नियमों से पार्टी का वास्तविक चेहरा सामने आ गया है।