श्रीराम मंदिर ट्रस्ट अयोध्या के पहले CEO: ऑपरेशन सिंदूर के हीरो पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा

श्रीराम मंदिर ट्रस्ट अयोध्या के पहले CEO: ऑपरेशन सिंदूर के हीरो पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा

अयोध्या: राम मंदिर ट्रस्ट में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल; पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा बने पहले CEO, 3 नए ट्रस्टी भी शामिल

द जागरण न्यूज (The Jagran News), डेस्क:

अयोध्या स्थित मणिरामदास छावनी में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास की अध्यक्षता में आयोजित अहम बैठक में मंदिर प्रबंधन को लेकर ऐतिहासिक फैसले लिए गए। ट्रस्ट ने उत्तर प्रदेश के निवासी और भारतीय वायुसेना के पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को राम मंदिर का पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया है। इसके साथ ही महेश भागचंदका (दिवंगत अशोक सिंघल के रिश्तेदार), अयोध्या के स्थानीय निवासी मदन मोहन पांडेय और शिकोहाबाद की निर्मला यादव को तीन नए ट्रस्टियों के रूप में शामिल किया गया है।

कड़ी चयन प्रक्रिया और CEO की आवश्यकता

मंदिर के पहले सीईओ का चयन एक सख्त और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत हुआ। 5,585 आवेदनों में से शॉर्टलिस्ट 108 अभ्यर्थियों के ऑनलाइन व व्यक्तिगत साक्षात्कार के बाद एयर मार्शल (रि.) जितेंद्र मिश्रा के नाम पर मुहर लगी। मंदिर परिसर में पूर्व में सामने आए दान चोरी के मामले और वित्तीय अनियमितताओं पर पूर्ण विराम लगाने के उद्देश्य से इस पद का सृजन किया गया है।

कॉर्पोरेट तर्ज पर होगी व्यवस्था, बदलेगा वर्क कल्चर

अयोध्या में रोजाना औसतन 1.5 से 3 लाख और त्योहारों में 10 लाख तक श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में नए सीईओ की मुख्य जिम्मेदारियां होंगी:

  • पारदर्शिता और ऑडिट: दान पेटियों, क्यूआर कोड और डिजिटल वित्तीय प्रणाली के लिए एसओपी (SOP) लागू करना।

  • क्राउड मैनेजमेंट: तिरुपति की तर्ज पर टाइम-स्लॉट आधारित टोकन दर्शन और एआई (AI) युक्त सीसीटीवी सर्विलांस।

  • त्रि-स्तरीय प्रशासनिक मॉडल: सूत्रों के अनुसार, सीईओ निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा को रिपोर्ट करेंगे, जो ट्रस्ट अध्यक्ष को रिपोर्ट करेंगे।

सेवारत आईएएस अधिकारियों के विपरीत, एक सेवानिवृत्त वरिष्ठ सैन्य अधिकारी की नियुक्ति से मंदिर को बिना ट्रांसफर-पोस्टिंग के तनाव के पूर्णकालिक, अनुशासित व विश्वस्तरीय पेशेवर प्रबंधन मिलेगा।