जन्माष्टमी 4 सितम्बर : रोहिणी नक्षत्र और हर्षण योग का शुभ संयोग

जन्माष्टमी 4 सितम्बर : रोहिणी नक्षत्र और हर्षण योग का शुभ संयोग

4 सितंबर को मनेगी जन्माष्टमी: रोहिणी नक्षत्र और हर्षण योग का शुभ संयोग, एक ही दिन मनेगा पर्व

​रांची (The Jagran News): इस वर्ष श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 4 सितंबर को मनाई जाएगी। इस बार रोहिणी नक्षत्र और हर्षण योग का एक बेहद शुभ संयोग बन रहा है। खास बात यह है कि इस शुभ योग के कारण इस साल गृहस्थ और वैष्णव संप्रदाय, दोनों एक ही दिन यह पावन पर्व मनाएंगे।

​शुभ मुहूर्त की जानकारी:

भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि 3 सितंबर की रात 1:33 बजे से शुरू हो जाएगी, जो 4 सितंबर की रात 11:13 बजे तक रहेगी। चूंकि उदयाकालीन अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र का संयोग 4 सितंबर को ही मिल रहा है, इसलिए इसी दिन मुख्य व्रत और जन्मोत्सव मनाया जाएगा।

​रात्रि में बाल गोपाल का पूजन और प्रिय भोग:

​धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अष्टमी की पूजा मध्यरात्रि में भगवान के जन्मकाल के समय की जाती है।

​इस दौरान बाल गोपाल को स्थापित करके उनका अभिषेक और विधि-विधान से पूजा की जाती है।

​भगवान श्रीकृष्ण को उनका प्रिय प्रसाद जैसे माखन-मिश्री, पंचामृत, धनिया पंजीरी, मखाने की खीर और नारियल के लड्डू अर्पित किए जाते हैं। तुलसी पत्र का उपयोग पूजा और भोग में विशेष रूप से किया जाता है।

​मान्यता है कि श्रद्धा से व्रत रखने और कथा सुनने से भक्तों को ऐश्वर्य, यश, कीर्ति और सुख की प्राप्ति होती है।