बीजिंग (The Jagran News): चीन की दिग्गज रियल एस्टेट कंपनी एवरग्रांडे (Evergrande) के फाउंडर हुई का यान (67) को वित्तीय धोखाधड़ी के मामले में शेनझेन की अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने उनकी पूरी संपत्ति जब्त करने का आदेश दिया है और एवरग्रांडे ग्रुप पर 12,443 करोड़ रुपये का भारी जुर्माना भी लगाया है।
गरीबी से अमीरी का सफर:
1958 में जन्मे यान का बचपन घोर गरीबी में बीता।
कई बार भूख मिटाने के लिए उन्होंने फफूंद लगी ब्रेड साफ करके खाई और नौकरी के शुरुआती दिनों में ऑफिस के किचन में सोए।
1996 में भारी कर्ज लेकर एवरग्रांडे की शुरुआत की और 2017 में 4.02 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ वह एशिया के सबसे अमीर शख्स बन गए थे।
उनके पास 60 फुट की यॉट और तीन प्राइवेट जेट थे, साथ ही 2020 में उन्होंने लंदन में करीब 1,900 करोड़ रुपये की 45 कमरों वाली आलीशान हवेली खरीदी थी।
पतन का कारण:
यान का बिजनेस मॉडल अत्यधिक कर्ज पर टिका था। जब चीन सरकार ने कर्ज के नियम सख्त किए, तो कंपनी 28.72 लाख करोड़ रुपये की देनदारी में डूब गई, जिससे उनका साम्राज्य ढह गया और धोखाधड़ी के आरोप में उन्हें जेल जाना पड़ा।