नई दिल्ली। वैक्सीन और बच्चों में होने वाली क्रॉनिक बीमारियों को लेकर डॉ. B.R.C. (Biswaroop Roy Chowdhury) ने अपने एक वीडियो में कई गंभीर दावे किए हैं। वीडियो में उन्होंने अमेरिका से जुड़े एक अध्ययन का हवाला देते हुए वैक्सीन लेने वाले और वैक्सीन नहीं लेने वाले बच्चों के स्वास्थ्य परिणामों की तुलना का जिक्र किया।
वीडियो में बताए गए अध्ययन में वर्ष 2000 से 2016 के बीच जन्मे 18,468 बच्चों को शामिल किए जाने की बात कही गई है। उपलब्ध अध्ययन सामग्री के अनुसार इनमें 16,511 बच्चों को कम से कम एक वैक्सीन मिली थी, जबकि 1,957 बच्चों को वैक्सीन एक्सपोजर नहीं था।
डॉ. B.R.C. ने 2.5 गुना जोखिम का किया दावा
वीडियो में डॉ. B.R.C. ने इस डेटा का हवाला देते हुए दावा किया कि वैक्सीन लेने वाले बच्चों में chronic health conditions का जोखिम बिना वैक्सीन वाले बच्चों की तुलना में करीब 2.5 गुना अधिक पाया गया।
वीडियो में उन्होंने बताया कि 10 साल के follow-up में वैक्सीन प्राप्त करने वाले समूह के करीब 43 प्रतिशत बच्चे किसी chronic health condition से मुक्त थे, जबकि बिना vaccine exposure वाले समूह में यह आंकड़ा करीब 83 प्रतिशत बताया गया है। अध्ययन के उपलब्ध abstract में भी 10-year follow-up के लिए यही आंकड़े दिए गए हैं।
अध्ययन में vaccination exposure और chronic health condition के बीच adjusted hazard ratio लगभग 2.53 रिपोर्ट किया गया था।
Asthma, Autoimmune और Neurodevelopmental Disorders का भी जिक्र
डॉ. B.R.C. ने वीडियो में विभिन्न chronic conditions का उल्लेख करते हुए सवाल उठाया कि बच्चों में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की बढ़ती संख्या के पीछे vaccination की क्या भूमिका हो सकती है।
अध्ययन के abstract में asthma, autoimmune disease, atopic disease, eczema और neurodevelopmental disorders के लिए अलग-अलग statistical associations भी रिपोर्ट की गई थीं। Neurodevelopmental disorders के लिए adjusted hazard ratio 5.53 बताया गया है।
Autism और ADHD को लेकर भी उठाए सवाल
वीडियो में Autism और ADHD का भी विशेष रूप से उल्लेख किया गया। डॉ. B.R.C. ने vaccination और neurodevelopmental disorders के बीच संबंध को लेकर सवाल उठाते हुए अपने विचार रखे।
उन्होंने कहा कि इस विषय पर और अधिक चर्चा तथा शोध की आवश्यकता है और वर्तमान medical approach पर भी सवाल उठाए।
वैक्सीन से सुरक्षा पर भी सवाल
वीडियो में डॉ. B.R.C. ने वैक्सीन से किसी बीमारी से सुरक्षा मिलने के दावे पर भी सवाल उठाया। उन्होंने vaccine industry और मौजूदा medical system को लेकर अपनी आपत्तियां रखीं।
उन्होंने अपनी पुस्तकों “Vaccinated to Death” और “COVID-191 Virus & The Vaccine” का उल्लेख करते हुए COVID-19 vaccine और उसके संभावित side effects पर भी अपनी बात रखी।
₹1 लाख का Open Challenge
डॉ. B.R.C. ने वीडियो में ₹1 लाख के Open Challenge का भी जिक्र किया।
उनका कहना है कि यदि कोई वैज्ञानिक प्रमाण के जरिए यह साबित कर दे कि वैक्सीन से कोई वास्तविक लाभ होता है, तो वह ₹1 लाख देने के लिए तैयार हैं।
यह दावा डॉ. B.R.C. द्वारा वीडियो में प्रस्तुत किया गया है।
Autism और ADHD के लिए C.A.N. Protocol का दावा
वीडियो के दूसरे हिस्से में डॉ. B.R.C. ने C.A.N. Protocol यानी Kure Autism Now के बारे में भी जानकारी दी।
उनके अनुसार इस protocol में कई प्रकार के natural और lifestyle-based interventions शामिल हैं, जिनमें:
Neem Therapy
Ambali / Fermented Drink
Diet में बदलाव
Zero Volt Grounding
जैसे उपायों का उल्लेख किया गया।
डॉ. B.R.C. ने दावा किया कि इस protocol के जरिए Autism और ADHD से जुड़े बच्चों की स्थिति में सुधार के लिए काम किया जा रहा है।
माता-पिता ने बताए अपने अनुभव
वीडियो में कई बच्चों के माता-पिता ने अपने अनुभव भी साझा किए। अथर्व, सात्विक और नमन सहित बच्चों के अभिभावकों ने अपने बच्चों में कथित बदलावों के बारे में बताया।
वीडियो में अभिभावकों ने नींद में सुधार, Eye Contact बेहतर होने, Hyperactivity कम होने और व्यवहार में बदलाव जैसे अनुभव साझा किए।
ये वीडियो में प्रस्तुत किए गए व्यक्तिगत testimonials हैं।
2 अक्टूबर से एक महीने की Online Practitioner Training
डॉ. B.R.C. ने वीडियो में 2 अक्टूबर से एक महीने के Online Practitioner Training Course की घोषणा भी की।
वीडियो के अनुसार इस training में चार modules के माध्यम से C.A.N. Protocol तथा emergency handling से संबंधित जानकारी दी जाएगी।
वीडियो में इस course को Sridhar University-certified बताया गया है।
मुफ्त सेवा का भी किया दावा
डॉ. B.R.C. ने वीडियो में बताया कि C.A.N. Protocol से संबंधित उनकी यह सेवा पूरी तरह मुफ्त है।
उन्होंने Autism और ADHD से प्रभावित बच्चों के माता-पिता को इस पहल से जुड़ने की जानकारी भी दी।
18,468 बच्चों के अध्ययन पर विशेषज्ञों की अलग राय
इस अध्ययन को लेकर वैज्ञानिक समुदाय में भी चर्चा हुई है। King's College London की अगस्त 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय vaccinology, paediatrics, infectious diseases, epidemiology और biostatistics विशेषज्ञों ने अध्ययन की methodology पर सवाल उठाए और कहा कि अध्ययन की design से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि vaccination chronic illness का कारण बनता है।
विशेषज्ञों के अनुसार vaccinated और unvaccinated बच्चों में कई ऐसे अंतर हो सकते हैं जो बाद में स्वास्थ्य परिणामों को प्रभावित करते हैं। ऐसे संभावित confounding factors को पर्याप्त रूप से नियंत्रित करना जरूरी है।
वीडियो में उठाए गए सवालों से फिर शुरू हुई बहस
डॉ. B.R.C. के इस वीडियो में 18,468 बच्चों के डेटा, vaccine exposure, chronic diseases, Autism, ADHD और medical industry को लेकर कई सवाल उठाए गए हैं।
वीडियो में अध्ययन के आंकड़ों, अपने treatment protocol और माता-पिता के testimonials के आधार पर डॉ. B.R.C. ने अपनी बात रखी है।
वहीं, अध्ययन की methodology को लेकर विशेषज्ञों की अलग राय भी सामने आई है। इसलिए इस पूरे विषय पर बहस में वीडियो में किए गए दावों और अध्ययन की वैज्ञानिक व्याख्या को अलग-अलग समझना जरूरी है।
नोट: इस खबर में डॉ. B.R.C. के वीडियो में कही गई बातों को उनके दावों के रूप में प्रस्तुत किया गया है। स्वास्थ्य संबंधी उपचार, दवा या वैक्सीन से जुड़ा व्यक्तिगत निर्णय योग्य चिकित्सक की सलाह के बिना नहीं लिया जाना चाहिए।
---