The Jagran News: संघर्ष से शिखर तक
₹500 की नौकरी, अवसाद और खुदकुशी का खयाल: ऐसे फर्श से अर्श पर पहुंचे भारत के कॉमेडी किंग कपिल शर्मा
मुंबई:
आज देश और दुनिया में कॉमेडी और कपिल शर्मा एक-दूसरे के पर्याय बन चुके हैं, लेकिन इस मुकाम तक पहुंचने से पहले उन्हें जिंदगी के सबसे कड़े इम्तिहानों से गुजरना पड़ा। अमृतसर के एक साधारण परिवार में 2 अप्रैल 1981 को जन्मे कपिल के पिता पुलिस में कांस्टेबल थे। परिवार का हाथ बंटाने के लिए कपिल ने महज 14 साल की उम्र में ₹500 महीने पर पीसीओ (PCO) बूथ पर काम किया और इसके बाद कपड़ा मिल में भी मजदूरी की।
साल 2004 में पिता के देहांत के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी बिगड़ गई कि बहन की शादी तक के पैसे नहीं थे। लगातार कई रिजेक्शन झेलने के बाद उन्हें दिल्ली में ‘द ग्रेट इंडियन लाफ्टर चैलेंज’ में मौका मिला। शो जीतने पर मिली इनामी राशि से उन्होंने बहन की शादी करवाई।
विवाद, डिप्रेशन और खुदकुशी की सोच:
करियर में शोहरत मिलने के बाद कपिल ने अपनी सारी जमा-पूंजी फिल्म 'फिरंगी' में लगा दी, लेकिन फिल्म बुरी तरह फ्लॉप हो गई। इस भारी आर्थिक नुकसान और मानसिक आघात से वे गहरे अवसाद में चले गए और उनके मन में आत्महत्या तक का विचार आने लगा था। वहीं 2017 में साथी कलाकारों से झगड़े के बाद सुनील ग्रोवर (गुत्थी) ने शो छोड़ दिया, जिससे शो की टीआरपी गिर गई।
192 देशों में परचम:
तमाम मुश्किलों और 7 साल के लंबे अंतराल के बाद कपिल और उनके पुराने साथी फिर एकजुट हुए। आज कपिल का शो 192 देशों में स्ट्रीम होता है और वे देश के सबसे महंगे कॉमेडियन्स में गिने जाते हैं। फोर्ब्स की टॉप-100 सेलिब्रिटी लिस्ट में शामिल कपिल शर्मा की यह यात्रा साबित करती है कि हौसला हो तो हर संकट को पछाड़ा जा सकता है।