The Jagran News: अमेरिका का 'मिशन डिपोर्टेशन 2.0' सख्त, 5200 भारतीय हुए डिपोर्ट, कनाडा में भी 1500 छात्रों पर लटकी तलवार
अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 'मिशन डिपोर्टेशन' को और भी सख्त कर दिया है। हालात यह हैं कि अगस्त के शुरुआती 15 दिनों में ही 5200 से ज्यादा भारतीयों को डिपोर्ट किया जा चुका है। सबसे ज्यादा चिंताजनक बात यह है कि इस बार सिर्फ अवैध प्रवासी ही नहीं, बल्कि H-1B, O-1 और स्टूडेंट वीजा पर अमेरिका गए प्रोफेशनल और छात्र भी इस कार्रवाई का शिकार हो रहे हैं। इमिग्रेशन एजेंसी (ICE) हर तीसरे हफ्ते एक डिपोर्टेशन फ्लाइट रवाना कर रही है।
छोटी गलतियों पर भी तुरंत डिपोर्टेशन
ग्राउंड रिपोर्ट के मुताबिक, वैध वीजा वालों को भी छोटी-छोटी गलतियों पर बख्शा नहीं जा रहा है। ट्रैफिक लाइट पार करने या सोशल मीडिया पर सरकार की आलोचना करने जैसी बातों पर भी छात्रों को डिपोर्ट किया गया है। टेक्सास में एक H-1B होल्डर को अपनी जॉब जाने के बाद 60 दिन के ग्रेस पीरियड में रेस्टोरेंट में पार्ट-टाइम काम करते हुए पकड़ा गया और वीजा नियमों के उल्लंघन के आरोप में उसे भी भारत वापस भेज दिया गया।
कनाडा में भी 1500 छात्रों का भविष्य अधर में
उधर, कनाडा में भी भारतीय छात्रों के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं। अल्बर्टा प्रांत ने पोस्ट-ग्रेजुएशन वर्क परमिट रद्द कर दिए हैं, जिससे करीब 1500 भारतीय छात्रों पर डिपोर्टेशन का खतरा मंडरा रहा है। छात्र इसके विरोध में धरना दे रहे हैं, लेकिन कनाडा के पीएम मार्क कार्नी और अल्बर्टा की प्रीमियर डेनियल स्मिथ ने साफ कर दिया है कि स्टडी वीजा एक अस्थायी दस्तावेज है और बिना वैध परमिट के किसी को भी वहां रुकने की इजाजत नहीं दी जाएगी।