अक्षय तृतीया का पावन पर्व इस वर्ष 20 अप्रैल 2026 को श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जाएगा। हिंदू धर्म में इस दिन को बेहद शुभ माना जाता है, क्योंकि इसे ‘अबूझ मुहूर्त’ कहा जाता है। यानी इस दिन किसी भी मांगलिक कार्य के लिए पंचांग देखने की आवश्यकता नहीं होती।
वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को आने वाला यह पर्व अक्षय फल देने वाला माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन किए गए शुभ कार्य, दान और निवेश का फल कभी समाप्त नहीं होता। इस अवसर पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा का विशेष महत्व होता है, जिससे घर में सुख-समृद्धि और धन-वैभव बना रहता है। यह पर्व निस्वार्थ भाव से कर्म और दान करने की प्रेरणा भी देता है।
शास्त्रों के अनुसार, अक्षय तृतीया के दिन पवित्र नदियों में स्नान करने से पिछले जन्मों के पापों का नाश होता है। इस वर्ष स्नान और दान के लिए ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04:22 से 05:07 तक रहेगा, जिसे सबसे शुभ माना गया है। यदि नदी में स्नान संभव न हो, तो घर पर ही पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान किया जा सकता है।
पूजा का शुभ समय सुबह 05:51 से दोपहर 12:18 तक निर्धारित है। इस दौरान सोना खरीदना या निवेश करना अत्यंत लाभकारी माना जाता है। वहीं दान के लिए दोपहर का समय श्रेष्ठ है, जिसमें अन्न, जल से भरे पात्र जैसे मिट्टी का घड़ा और मौसमी फलों का दान करना विशेष फलदायी होता है।