मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव आयोग को लेकर विपक्ष के हमलों के बीच भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश में जवाबी अभियान शुरू कर दिया है। 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' नाम से पार्टी 3 से 5 नवंबर तक प्रदेश के सभी छह संगठनात्मक क्षेत्रों में पदयात्राएं निकाल रही है।
कब और कहां होंगी पदयात्राएं
- 3 नवंबर: लखनऊ (अवध क्षेत्र) में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और बरेली (ब्रज क्षेत्र) में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा।
- 4 नवंबर: गोरखपुर में भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, प्रयागराज (काशी क्षेत्र) में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और कानपुर में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक।
- 5 नवंबर: गाजियाबाद (पश्चिम क्षेत्र) में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
पार्टी ने हर पदयात्रा में कम से कम 25 हजार लोगों को जुटाने का लक्ष्य रखा है। इस तरह छह यात्राओं में डेढ़ लाख से ज्यादा कार्यकर्ताओं के शामिल होने की उम्मीद जताई जा रही है।
विपक्ष के आरोपों का जवाब
यह अभियान ऐसे समय शुरू हुआ है जब इंडिया गठबंधन ने दिल्ली के रामलीला मैदान में रैली कर मुख्य चुनाव आयुक्त पर सवाल उठाए। विपक्ष SIR प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों का आरोप लगा रहा है। वहीं भाजपा का आरोप है कि विपक्ष SIR को लेकर लोगों में भ्रम फैला रहा है। पार्टी ने इस मुद्दे पर एक पर्चा भी तैयार कराया है, जिसमें दावा किया गया है कि हटाए गए नाम मृत, स्थायी रूप से बाहर गए या दोहरे मतदाताओं के हैं, और नाम कटने से राशन या पेंशन जैसी सुविधाएं बंद नहीं होतीं।
2027 चुनाव पर नजर
राजनीतिक जानकार इस अभियान को 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी से जोड़कर देख रहे हैं। पदयात्राओं के अलावा पार्टी युवा सम्मेलन और किसानों के साथ सहभोज जैसे कार्यक्रम भी करेगी। दूसरी ओर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस SIR और चुनाव आयोग को लेकर अपने सवालों पर कायम हैं। आने वाले दिनों में यह मुद्दा प्रदेश की सियासत के केंद्र में रहने की संभावना है।