टीचर से अफसर बने ADM और सब रजिस्ट्रार पत्नी के ठिकानों पर विजिलेंस का धावा: अलमारी और बक्सों में छिपाकर रखे थे नोटों के बंडल, ₹75 लाख कैश बरामद!
पटना: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (Vigilance Investigation Bureau) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अकूत काली कमाई का पर्दाफाश किया है। पटना के एडीएम (सप्लाई) रवींद्र कुमार दिवाकर और दानापुर में तैनात उनकी सब रजिस्ट्रार पत्नी कुमारी स्वीटी के चार ठिकानों पर विजिलेंस की टीम ने एक साथ छापेमारी की। छह घंटे तक चली इस सघन तलाशी में 75 लाख रुपये नकद, 250 ग्राम सोने-चांदी के गहने, 40 से अधिक ब्रांडेड घड़ियां और भारी मात्रा में जमीन-फ्लैट के निवेश दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
नोटों का अंबार इतना बड़ा था कि पटना स्थित आवास पर नकदी गिनने के लिए अधिकारियों को कैश काउंटिंग मशीन मंगवानी पड़ी। छापेमारी के दौरान:
-
नकदी बरामदगी: पटना के रूपसपुर स्थित कश्यप ग्रीन अपार्टमेंट के दो फ्लैटों से करीब ₹68 लाख और बेगूसराय के पोखरिया स्थित पुश्तैनी मकान से ₹7 लाख नकद जब्त किए गए। 500-500 के नोटों की गड्डियां अलमारी, बक्सों और वार्डरोब में छिपाकर रखी गई थीं।
-
दंपती का बैकग्राउंड: रवींद्र कुमार दिवाकर पहले शिक्षक थे। वे 2010 में बिहार प्रशासनिक सेवा में आए और गया में एसडीएम व सारण में डीपीआरओ रह चुके हैं, जबकि उनकी पत्नी 2013 में सब रजिस्ट्रार बनी थीं।
निगरानी थाने में दोनों अधिकारियों के खिलाफ 1.06 करोड़ रुपये से अधिक की आय से अधिक संपत्ति (DA) का केस दर्ज किया गया है। निगरानी के डीजी जेएस गंगवार के अनुसार, कोर्ट से वारंट लेकर यह कार्रवाई की गई है। विजिलेंस अब दंपती के बैंक लॉकरों और कई अन्य संभावित बेनामी संपत्तियों की बारीकी से पड़ताल में जुटी है