इंजीनियरिंग की दुनिया में नया इतिहास: गति शक्ति बनी देश की पहली यूनिवर्सिटी जो दे रही 'रेल इंजीनियरिंग' में B.Tech, 90-100% का बंपर प्लेसमेंट!
वडोदरा: इंजीनियरिंग और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में करियर संवारने का सपना देख रहे छात्रों के लिए शानदार खबर है। रेल मंत्रालय के अधीन संचालित देश की पहली सेंट्रल यूनिवर्सिटी 'गति शक्ति विश्वविद्यालय' (GSV) ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में क्रांति ला दी है। वडोदरा के 55 एकड़ में फैले ऐतिहासिक रेलवे स्टाफ कॉलेज कैंपस से संचालित यह देश का एकमात्र ऐसा विश्वविद्यालय है, जो विशेष रूप से रेलवे और ट्रांसपोर्टेशन इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री प्रदान कर रहा है।
संस्थान का सबसे बड़ा आकर्षण इसका शानदार प्लेसमेंट रिकॉर्ड है। बीटेक और एमबीए कोर्सेज में यहां 90% से 100% तक प्लेसमेंट दर्ज किया जा रहा है, जिसमें औसत पैकेज ₹5 से ₹6 लाख और टॉप पैकेज ₹14 से ₹18 लाख सालाना तक पहुंच रहा है। एल्स्टॉम, सीमेंस मोबिलिटी, डीएफसीसीआईएल, हिताची रेल, एयरबस और एलएंडटी जैसी ग्लोबल दिग्गज कंपनियां सीधे कैंपस से नियुक्तियां कर रही हैं।
कोर्स और दाखिले की मुख्य बातें:
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7 स्पेशलाइजेशन: बीटेक के तहत सिविल (60 सीट), इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन (60 सीट), मैकेनिकल (60 सीट), इलेक्ट्रिकल (60 सीट), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड डेटा साइंस (60 सीट), एविएशन (40 सीट) और मैरीटाइम इंजीनियरिंग (30 सीट) के विकल्प उपलब्ध हैं।
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एडमिशन और ट्रेनिंग: बीटेक में दाखिला जेईई मेन (JEE Main) के जरिए जोसा (JoSAA) व CSAB काउंसलिंग से होता है। छात्रों के लिए पहले तीनों साल के अंत में समर इंटर्नशिप अनिवार्य है, जहां वे लोकोमोटिव शेड, वर्कशॉप और यार्ड में सीधे हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग लेते हैं।
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उच्च शिक्षा व रिसर्च: यहां एमबीए और पीएचडी कोर्सेज भी उपलब्ध हैं, जिसमें पीएचडी शोधार्थियों को प्रतिमाह ₹37,000 से ₹42,000 तक की फेलोशिप दी जाती है।