यूरोप में सुलग उठा छात्र आक्रोश: शिक्षा बजट कटौती पर बेल्जियम में जेन-जी का बवाल, सड़कों पर आगजनी और आंसू गैस!
ब्रसेल्स: फ्रांस में शिक्षा और सरकारी स्कूलों की खस्ताहाल व्यवस्था को लेकर चल रहे छात्रों के उग्र प्रदर्शनों की आग अब पड़ोसी मुल्क बेल्जियम तक जा पहुंची है। शिक्षा बजट में कटौती, कक्षाओं में छात्रों की अत्यधिक भीड़ और शिक्षकों की भारी कमी जैसे बुनियादी मुद्दों को लेकर 'जेन-जी' (Gen-Z) पीढ़ी सड़कों पर उतर आई है। देशव्यापी आंदोलन का रूप ले चुके इस प्रदर्शन में 30 हजार से ज्यादा छात्र शामिल हुए, जिससे कई शहरों में स्थिति बेकाबू हो गई।
लीक से राजधानी ब्रसेल्स तक फैली हिंसा
यह छात्र आंदोलन शुरुआत में लीज (Liège) शहर से शुरू हुआ था, जो देखते ही देखते राजधानी ब्रसेल्स की प्रमुख सड़कों तक फैल गया। विरोध प्रदर्शन के दौरान कुछ आक्रोशित छात्रों ने उग्र रूप अपनाते हुए सड़कों पर बैरिकेड्स में आगजनी की, सार्वजनिक संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचाया और पुलिस पर जमकर पत्थर व अन्य वस्तुएं फेंकीं।
वाटर कैनन और आंसू गैस से पुलिस का पलटवार
उपद्रव को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़पें देखने को मिलीं। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षा बलों ने तेज पानी की बौछारें (वाटर कैनन) छोड़ीं और जमकर आंसू गैस के गोले दागे। कानून-व्यवस्था बिगाड़ने के आरोप में पुलिस ने अब तक 21 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है, जिनमें 13 नाबालिग शामिल बताए जा रहे हैं। छात्रों के इस भारी आक्रोश और सुरक्षा चिंताओं के चलते देश भर के सैकड़ों स्कूलों में ताले लटक गए हैं और पढ़ाई पूरी तरह ठप हो गई है।