10 लाख आबादी वाले गुयाना में तेल से बरसी दौलत, सड़कों पर दौड़ने लगीं फरारी और लेम्बोर्गिनी

10 लाख आबादी वाले गुयाना में तेल से बरसी दौलत, सड़कों पर दौड़ने लगीं फरारी और लेम्बोर्गिनी

10 लाख आबादी वाले गुयाना में तेल से बरसी दौलत, सड़कों पर दौड़ने लगीं फरारी और लेम्बोर्गिनी

जॉर्जटाउन: दक्षिण अमेरिका का छोटा सा देश गुयाना इस समय दुनिया भर में अपनी तेजी से बदलती तकदीर को लेकर चर्चा में है। करीब 10 लाख की आबादी वाले इस देश में कच्चे तेल के विशाल भंडारों ने आर्थिक क्रांति ला दी है। वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में आई तेजी के बाद गुयाना की कमाई में अप्रत्याशित उछाल देखा जा रहा है।

अनुमान के मुताबिक, वर्ष 2026 में गुयाना को सिर्फ तेल निर्यात से लगभग 63 हजार करोड़ रुपये की कमाई होने की उम्मीद है, जो साल की शुरुआत में लगाए गए अनुमान से दोगुनी से भी ज्यादा है। साल 2026 की पहली छमाही में देश की अर्थव्यवस्था 33.3 प्रतिशत की रिकॉर्ड दर से बढ़ी है।

इस अथाह दौलत का असर देश की राजधानी जॉर्जटाउन में साफ दिखने लगा है। कभी शांत रहने वाली सड़कों पर अब फरारी और लेम्बोर्गिनी जैसी लग्जरी सुपरकार्स आम तौर पर दौड़ती नजर आ रही हैं। लाइफस्टाइल में आए इस भारी बदलाव का आलम यह है कि शादियों में मियामी और जमैका से मशहूर डीजे बुलाए जा रहे हैं तथा रेस्तराओं में महंगा इंपोर्टेड बीफ परोसा जा रहा है।

शहर का पारंपरिक स्वरूप भी तेजी से बदल रहा है; पुरानी लकड़ी की औपनिवेशिक इमारतों की जगह अब कंक्रीट और स्टील की गगनचुंबी इमारतें व मॉडर्न होटल्स ले रहे हैं। तेल उद्योग से जुड़े अंतरराष्ट्रीय बिजनेस ट्रैवल के बढ़ने से हॉस्पिटैलिटी और रियल एस्टेट सेक्टर में जबर्दस्त बूम आ चुका है।