पैकेट वाले चिप्स और नूडल्स से रहें सावधान: रोज 100 ग्राम अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड खाने से दिल की बीमारियों का खतरा 14% बढ़ा

पैकेट वाले चिप्स और नूडल्स से रहें सावधान: रोज 100 ग्राम अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड खाने से दिल की बीमारियों का खतरा 14% बढ़ा

पैकेट वाले चिप्स और नूडल्स से रहें सावधान: रोज 100 ग्राम अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड खाने से दिल की बीमारियों का खतरा 14% बढ़ा

नई दिल्ली: पैकेटबंद चिप्स, मीठे कार्बोनेटेड पेय पदार्थ, इंस्टेंट नूडल्स और रेडी-टू-ईट फूड्स स्वाद और सहूलियत तो देते हैं, लेकिन ये आपकी सेहत के लिए धीमा जहर साबित हो रहे हैं। मेडिकल जर्नल फैमिली मेडिसिन एंड कम्युनिटी हेल्थ में प्रकाशित 51 अध्ययनों (लगभग 88 लाख लोगों) के बड़े विश्लेषण में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है।

अध्ययन के अनुसार, रोजाना महज 100 ग्राम अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड (UPF) खाने से हृदय रोग का जोखिम 14% तक बढ़ जाता है। इतना ही नहीं, इसके दैनिक सेवन से हाई ब्लड प्रेशर का खतरा 11%, कैंसर का जोखिम 4%, किसी भी कारण से असमय मृत्यु का जोखिम 3% और डायबिटीज या मेटाबॉलिक सिंड्रोम का खतरा 2% तक बढ़ जाता है।

विशेषज्ञों ने आगाह किया है कि ज्यादा UPF खाने वाले लोगों में पाचन संबंधी बीमारियों का खतरा 31% और डिप्रेशन या चिंता की आशंका 27% तक बढ़ जाती है।

गर्म करने पर बनते हैं जानलेवा केमिकल

अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड को अत्यधिक तापमान पर पकाने से 'एक्रिलामाइड' बनता है, जो कैंसर और दिल की बीमारियों को न्योता देता है। वहीं तेल या वसा को बार-बार ज्यादा गर्म करने से 'एकरोलिन' नामक खतरनाक रसायन तैयार होता है। इसके अलावा विभिन्न एडिटिव्स का मिश्रण शरीर में 'कॉकटेल इफेक्ट' पैदा करता है, जिससे अंदरूनी सूजन (इंफ्लेमेशन) तेजी से बढ़ती है।

नई दिल्ली: पैकेटबंद चिप्स, मीठे कार्बोनेटेड पेय पदार्थ, इंस्टेंट नूडल्स और रेडी-टू-ईट फूड्स स्वाद और सहूलियत तो देते हैं, लेकिन ये आपकी सेहत के लिए धीमा जहर साबित हो रहे हैं। मेडिकल जर्नल फैमिली मेडिसिन एंड कम्युनिटी हेल्थ में प्रकाशित 51 अध्ययनों (लगभग 88 लाख लोगों) के बड़े विश्लेषण में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है।

अध्ययन के अनुसार, रोजाना महज 100 ग्राम अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड (UPF) खाने से हृदय रोग का जोखिम 14% तक बढ़ जाता है। इतना ही नहीं, इसके दैनिक सेवन से हाई ब्लड प्रेशर का खतरा 11%, कैंसर का जोखिम 4%, किसी भी कारण से असमय मृत्यु का जोखिम 3% और डायबिटीज या मेटाबॉलिक सिंड्रोम का खतरा 2% तक बढ़ जाता है।

विशेषज्ञों ने आगाह किया है कि ज्यादा UPF खाने वाले लोगों में पाचन संबंधी बीमारियों का खतरा 31% और डिप्रेशन या चिंता की आशंका 27% तक बढ़ जाती है।

गर्म करने पर बनते हैं जानलेवा केमिकल

अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड को अत्यधिक तापमान पर पकाने से 'एक्रिलामाइड' बनता है, जो कैंसर और दिल की बीमारियों को न्योता देता है। वहीं तेल या वसा को बार-बार ज्यादा गर्म करने से 'एकरोलिन' नामक खतरनाक रसायन तैयार होता है। इसके अलावा विभिन्न एडिटिव्स का मिश्रण शरीर में 'कॉकटेल इफेक्ट' पैदा करता है, जिससे अंदरूनी सूजन (इंफ्लेमेशन) तेजी से बढ़ती है।